चंडीगढ़ में 68.9 प्रतिशत बढ़ी डीजल की बिक्री


जालन्धर, 14 फरवरी (शिव शर्मा): उत्तरी राज्यों में वैट की दर कम होने से चंडीगढ़ ने अग्रणी आते हुए डीज़ल की बिक्री में 68.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करवाई है जबकि पंजाब में डीज़ल की बिक्री 4.5 प्रतिशत ओर कम होने से उसको झटका लगा है। पैट्रोल पम्प डीलर एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए आंकड़ों ने स्पष्ट किया है कि डीज़ल की बिक्री चंडीगढ़ में ज्यादा होने से पंजाब को किस तरह का नुक्सान हो रहा है। चंडीगढ़ में डीज़ल की बिक्री बढ़ने का कारण पंजाब के मुकाबले वैट दरों का काफी कम होना है और पैट्रोल पम्प मालिक लम्बे समय से पंजाब सरकार से मांग करते रहे हैं कि दरें कम होने से पंजाब में पैट्रोल, डीज़ल की बिक्री कम होने के कारण नुक्सान हो रहा है। वर्ष पहले पैट्रोल एवं डीज़ल की कीमतों में रिकार्डतोड़ वृद्धि होने के पश्चात केन्द्र ने राज्यों को पैट्रोल एवं डीज़ल की वैट दर कम करने की सलाह दी थी तो उस समय चंडीगढ़ ने वैट की दर काफी कम कर दी थी और हरियाणा ने इस सलाह पर अमल करते उसको राहत दी थी परन्तु इसका प्रभाव यह हुआ कि चंडीगढ़ एक वर्ष में ही डीज़ल का ज्यादा बिक्री करने वाला शहर बन गया है। चंडीगढ़ में 1 अप्रैल से लेकर 31 दिसम्बर 2018 में डीज़ल की बिक्री 74125 मीट्रिक टन हुई थी जबकि 2018 में इस समय दौरान यह बिक्री बढ़कर 1251172 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। इस तरह से हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2017 में डीज़ल की बिक्री 409541 मीट्रिक टन थी और 2018 में यह बढ़कर 424477 मीट्रिक टन तक यह वृद्धि 4.6 प्रतिशत थी। एक वर्ष में भले ही पंजाब में पैट्रोल की बिक्री में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है परन्तु यह वृद्धि इसलिए हुई है क्योंकि पंजाब में गाड़ियों की बिक्री में वृद्धि हुई थी। पैट्रोल की बिक्री में भी चंडीगढ़ प्रमुख रहा है और उसकी एक वर्ष में पैट्रोल की बिक्री 18.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पंजाब में वर्ष 2017 में पैट्रोल की वृद्धि 636263 एवं विगत वर्ष 656115 मीट्रिक टन था। राजस्थान में 1082585 एवं 1159135 मीट्रिक टन थी।