प्रत्याशी की घोषणा न होने से भाजपा कार्यकर्ताओं में बेचैनी


होशियारपुर, 15 अप्रैल (अ.स.): पंजाब की तीन लोकसभा सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रत्याशियों की घोषणा में की जा रही देरी ने जहां संभावित प्रत्याशियों के सिर पर तलवार लटकाई हुई है, वहीं इस चर्चा को भी जन्म दिया है कि पार्टी के पास जीतने वाले प्रत्याशियों की कमी है। विशेषकर होशियारपुर क्षेत्र से वर्तमान सांसद एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री विजय सांपला के प्रति अपनाई ढिलमुल वाली नीति ने उनकी मजबूत दावेदारी को कमजोर कर दिया है। भले ही टिकट उनको ही मिल जाए परन्तु पार्टी कार्यकर्ताओं एवं वोटरों में यह संकेत चला गया है कि सांपला की जीत को लेकर भाजपा को आशंका है। भाजपा के पशोपेश को विरोधी प्रत्याशी चुनावी बैठकों में मुद्दा बना रहे हैं। भाजपा द्वारा सांपला के नाम पर मोहर लगाने में व्यक्त की जा रही सुगबुगाहट उनके द्वारा अपने कार्यों एवं लोकप्रियता के दावों को झुठलाती है। 2014 में सांपला ने 13582 वोटों के अन्तर से यह सीट जीती थी। सांपला एवं फगवाड़ा के विधायक सोम प्रकाश दोनों ही होशियारपुर लोकसभा क्षेत्र पर नज़रें लगाए बैठे हैं। पहले तो दोनों ने ही क्षेत्र में सरगर्मियां बढ़ा दी थीं परन्तु विगत कुछ दिनों से जिस तरह अनिश्चितता वाला माहौल बना हुआ है, इनकी रफ्तार भी सुस्त हो गई है। टिकट की घोषणा में देरी होने से कार्यकर्ताओं का मनोबल भी गिर रहा है। एक पार्टी नेता ने नाम न देने की शर्त पर कहा कि हाईकमान को चाहिए कि शीघ्र से शीघ्र प्रत्याशी की घोषणा करे। उसने कहा कि जब तक लड़ाई लड़ने वाले का नाम नहीं पता होगा, वह किसके समर्थन में प्रचार करेंगे। भाजपा के साथ-साथ अकाली कार्यकर्ता भी निठल्ले बैठे हैं और चुनावी अभियान में चलाए जाने की  इंतजार में हैं। अकाली-भाजपा गठबंधन हेतु यह देरी इसलिए ओर भी चिंता पैदा करने वाली है क्योंकि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी एवं बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों का चुनाव अभियान तेज़ी पकड़ चुका है। वर्णनीय है कि 19 मई को होने वाले चुनावों के लिए पंजाब में 22 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा और 29 अप्रैल तक नामांकन भरे जा सकेंगे। इस हिसाब से भाजपा प्रत्याशी को चुनाव प्रचार हेतु लगभग एक महीने का वक्त ही मिलेगा।