खरीफ सीज़न हेतु केन्द्र पंजाब के लिए भारतीय कोयले की सप्लाई यकीनी बनाए


जालन्धर, 22 अप्रैल (शिव शर्मा): पावरकाम पंजाब सरकार ने केन्द्र के साथ हुई बैठक में खरीफ सीज़न के लिए किसानों को निर्विघ्न बिजली आपूर्ति के लिए भारतीय कोयले की सप्लाई ज्यादा और तेज़ी से उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है ताकि खरीफ सीज़न में महंगा विदेशी कोयले की खरीद न करनी पड़े। केन्द्रीय विद्युत् मंत्रालय के सचिव ने देशभर के विद्युत कम्पनियों के अधिकारियों से एक बैठक की थी जिसमें गर्मियों व खरीफ सीज़न के लिए बिजली की उपलब्धता बारे जानकारी ली है। पंजाब में खरीफ सीज़न जून माह में आरम्भ होता है। पावरकाम ने पंजाब में बिजली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि खरीफ सीज़न में इसलिए भी निजी प्लांट के लिए भारतीय कोयला मिलना चाहिए क्योंकि यदि भारतीय कोयला कम मिलता है तो विदेशी कोयले की खरीद करनी पड़ती है जोकि भारतीय कोयले से महंगा है। इसका बाद में बोझ उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है। पावरकाम का कहना था कि कृषि क्षेत्र के लिए बिजली सप्लाई निर्विघ्न बनाने के लिए कोयले की ज्यादा सप्लाई ज़रूरी है। पंजाब राज्य कोयले की खानों से काफी दूर होने के कारण पहले ही कोयले की कीमत बढ़ जाती है जिस कारण भारतीय कोयला न मिलने पर यदि विदेशी कोयला लेना पड़े तो इससे लागत और बढ़ जाती हे। पावरकाम ने इस बारे हवाला देते हुए कहा कि रेलगाड़ियों का किराया भी पड़ता है। पावरकाम ने इस बारे केन्द्रीय मंत्रालय के अधिकारियों के सामने कोयले से लेकर खरीफ सीज़न में उपलब्ध करवाई जाने वाली जानकारी भी सामने रखी। पिछले साल पावरकाम के अपने थर्मल प्लांट के लिए 40 लाख टन कोयला आया था जबकि 61 लाख टन राजपुरा थर्मल प्लांट के लिए, 81 लाख टन तलवंडी साबो प्लांट के लिए, 22 से 22 लाख टन के करीब गोइंदवाल प्लांट के लिए मंगवाया गया था। इस समय पावरकाम के अपने प्लांट लहरा मोहब्बत के लिए 28 दिन, रोपड़ में 40 दिन, राजपुरा में 25 दिन, तलवंडी साबो के लिए 13 दिन, गोइंदवाल थर्मल प्लांट के लिए लगभग 3 दिन के कोयले का स्टाक मौजूद है।