इतिहास में पहली बार सरकारी स्कूलों के नतीजे प्राईवेट स्कूलों से बेहतर : शिक्षा सचिव


एस. ए. एस. नगर, 11 मई (ललिता जामवाल): बोर्ड के इतिहास में पहली बार सरकारी स्कूलों के 10वीं और 12वीं के नतीजे प्राईवेट स्कूलों से बेहतर हैं। इसके लिए शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार ने स्कूल मुखियों और अध्यापकों मुबारकबाद देते कहा कि साल 2019 के बोर्ड की सभी कक्षाओं के नतीजों में सरकारी स्कूलों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास सृजा है जो कि शिक्षा विभाग के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विद्यार्थियों के माता-पिता को भी बढ़े हुए नतीजों की मुबारकबाद देते बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए शुभ कामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इस साल 12वीं कक्षा के नतीजे 86.41 प्रतिशत रहे हैं जो कि पिछले साल की अपेक्षा लगभग 20 प्रतिशत अधिक आए हैं। साल 2018 में यह नतीजे 65.97 प्रतिशत रहे थे। इसके अलावा पहली बार सरकारी स्कूलों ने प्राईवेट स्कूलों से ज़्यादा पास प्रतिशत्ता भी दर्ज की है जो कि सरकारी स्कूलों की बढ़िया कारगुजारी को दिखाते हैं। इस बार के नतीजों के आंकड़ों को देखने से साफ पता चलता है कि साइंस ग्रुप में 83.44 प्रतिशत नतीजा आया है, जबकि पिछले साल के नतीजे 58.88 प्रतिशत थे, से 24.56 प्रतिशत ज्यादा हैं। अगर साइंस ग्रुप में मैडीकल और नान मैडीकल को अलग करके देखें तो पिछले साल की अपेक्षा मैडीकल का नतीजा 22.5 प्रतिशत ज्यादाऔर नान मैडीकल का 26 प्रतिशत नतीजा ज्यादा आया है। आर्टस ग्रुप में पिछले साल की अपेक्षा 18 प्रतिशत नतीजा बढ़ा है। पिछले साल आर्टस ग्रुप का नतीजा 68.46 था और इस साल यह नतीजा 86.4 प्रतिशत आया है। इसी तरह से कामर्स ग्रुप में नतीजा 90.34 प्रतिशत आया है जो कि पिछले साल की अपेक्षा लगभग 5 प्रतिशत ज्यादा है।