महेशइंद्र ने जिला प्रशासन और मोदी की रैली में रुकावट डालने का लगाया आरोप 


लुधियाना,15 मई -  (कविता) -अकाली-भाजपा उम्मीदवार महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल और जिला भाजपा प्रधान जतिन्दर मित्तल ने स्थानीय प्रशासन, विशेष कर डिप्टी कमिश्नर प्रदीप अग्रवाल और कांग्रेस नेतृत्व के इशारे पर 17 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लुधियाना में रैली में रुकावट डालने का आरोप लगाया है, जो भाजपा के खिलाफ पश्चिम बंगाल की सरकार की तरह व्यवहार अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब कुछ कांग्रेसी नेताओं के इशारे पर किया गया है, जो सूबे में मोदी की लहर से डरे हुए हैं। लुधियाना के लोग बेताबी के साथ प्रधानमंत्री मोदी का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लुधियाना के लोग 19 मई को मोदी के बदलाव के लिए वोट डालकर इनसे बदला लेंगे। उन्होंने कहा कि आप मोदी को लुधियाना आने से रोक सकते हो, परन्तु लोगों को उनके लिए वोट डालने से नहीं रोक सकते, जिससे उन और मजबूती मिलेगी। इस जारी एक बयान में ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि 12 मई को उन्होंने लुधियाना स्थित सरकारी महिला कॉलेज की ग्राउंड के समीप रैली के आयोजन के लिए डीसी से अनुमति मांगी थी। शुरुआत में डीसी ने कहा कि प्रशासन को कोई ऐतराज नहीं है, क्योंकि कॉलेज को किसी तरह की परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रबंधकों ने उन्होंने फिर से डीसी को रैफर किया। हालांकि उन्हें बताया गया कि उस दिन कॉलेज में परीक्षा होनी है और आयोजन के साथ विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है, बावजूद इसके कि कॉलेज में प्रवेश और निकासी के गेट ग्राउंड से बहुत दूर हैं। अकाली भाजपा उम्मीदवार ने कहा कि बाद में उन्होंने चंडीगढ़ रोड पर वर्धमान के समीप गलाडा मैदान में रैली के लिए अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार अनुमति देने में देरी करता रहा और यहां के लिए बीती रात को मंज़ूरी दी, जिससे मोदी के दौरे में रुकावट पैदा की जा सके। जबकि एसपीजी के सुरक्षा प्रोटोकॉल के मुताबिक क्षेत्र सुरक्षित होना चाहिए और प्रधानमंत्री के दौरे से 72 घंटे पहले इसकी सुरक्षा तय होनी चाहिए। वहीं ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि यह स्पष्ट तौर पर कांग्रेसी नेताओं के इशारे और प्रशासन की मिलीभगत के साथ किया गया, जिसमें विशेष तौर पर एमपी रवनीत सिंह बिटू शामिल थे, जो मोदी को मिल रहे शानदार समर्थन को देखकर घबरा गए हैं।