कैप्टन की फटकार भी काम न आ सकी चुनावों में


अबोहर, 24 मई (अ.स.): लोकसभा चुनावों में यद्यपि कांग्रेस पार्टी द्वारा 8 सीटों पर जीत प्राप्त की गई है परन्तु कांग्रेस के मिशन 13 को उनके मंत्री एवं विधायक ही नुक्सान पहुंचा रहे हैं। चुनाव प्रचार दौरान मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह द्वारा मंत्रियों एवं विधायकों को दी लताड़ भी कार्य न आ सकी। राज्य में कांग्रेस के प्रत्याशी 5 कैबिनेट मंत्रियों के क्षेत्रों में और 19 कांग्रेसी विधायकों के क्षेत्रों में वोटें कम हुई हैं। जानकारी अनुसार कांग्रेस के प्रत्याशियों को कैबिनेट मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के हलका बठिंडा शहरी से, राणा गुरमीत सिंह सोढी के हलका गुरुहरसहाय से, मंत्री अरुणा चौधरी के क्षेत्र दीनानगर से, विजय इन्द्र सिंगला के क्षेत्र संगरूर से और मंत्री सुन्दर शाम अरोड़ा के क्षेत्र होशियारपुर से वोटें कम हुई हैं।यह मंत्री अपने क्षेत्र में अपनी साख नहीं बचा सके। इस तरह 19 कांग्रेसी विधायकों के क्षेत्रों में भी कांग्रेसी प्रत्याशियों की हार हुई है। कांग्रेस के विधायकों राजकुमार वेरका के क्षेत्र अमृतसर पश्चिमी से, दर्शन लाल के हलका बलाचौर से, भुच्चों से प्रीतम सिंह कोटभाई के क्षेत्र से, अमरेन्द्र सिंह राजा बड़िंग के क्षेत्र गिद्दड़बाहा से, नत्थू राम के हलका बल्लुआणा से, दविन्द्र सिंह घुबाराया के क्षेत्र फाज़िल्का से, परमिन्द्र सिंह पिंकी के क्षेत्र फिरोज़पुर शहरी से, सतकार कौर गहरी के क्षेत्र फिरोज़पुर ग्रामीण से, रजनीश बब्बी के हलका मुकेरियां से, अरुण डोगरा के हलका दसूहा से, राजिन्द्र बेरी के हलका जालन्धर केन्द्रीय से, अवतार सिंह जूनियर के क्षेत्र जालन्धर उत्तरी से, दलवीर गोल्डी के क्षेत्र धूरी से, बरिन्द्रमीत पाहड़ा के क्षेत्र गुरदासपुर से, फतेहजंग बाजवा के हलका कादियां से, अमित विज के क्षेत्र पठानकोट से, जोगिन्द्रपाल के हलका भोआ से और विधानसभा के स्पीकर राणा के.पी. सिंह और डिप्टी स्पीकर अजायब सिंह भट्टी के हलका मलोट से भी कांग्रेस के प्रत्याशी हारे हैं। अब प्रश्न यह है कि कैप्टन की लताड़ के पश्चात भी जिन मंत्रियों एवं विधायकों के क्षेत्र में कांग्रेसी प्रत्याशियों की वोटें कम हुई हैं उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी और इस बारे कब कार्रवाई की जाएगी। विगत मुख्यमंत्री द्वारा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर खुशी व्यक्त करने वाले मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह का इतना कम होने वाले क्षेत्र के नेताओं के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी यह समय ही बताएगा परन्तु फिलहाल वह नवजोत सिद्धू वाले मामले पर केन्द्रित हुए बैठे हैं। वैसे लोगों में चर्चा है कि होना कुछ भी नहीं है। यह तो केवल चुनावों के कारण कैप्टन ने तुरन्त धमकी ही दी होनी है