खाद्य विभाग नीले कार्डों के जांच फार्म पकड़ने से किनारा करने लगे


लोहटबद्दी, 7 जून (अ.स.): कैप्टन सरकार ने पंजाब में छोटी-बड़े चुनाव खत्म होते ही राज्य में नीले कार्डों के अन्तर्गत सस्ती गेहूं लेने वाले परिवारों की शिनाख्त का कार्य शहरों में कांग्रेसी कौंसलरों, गांवों में कांग्रेसी पंचायतों या निकटवर्ती कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा शुरू कर दिया है। प्रमुख सचिव, खाद्य, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, पंजाब के आदेशों अनुसार यद्यपि यह जांच खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने स्थानीय सरकारों, ग्रामीण विकास एवं पंचायतों तथा राजस्व विभाग अधिकारियों के सहयोग से करनी थी, परन्तु मौजूदा समय विभाग के अधिकारी सरकार की धमकी या आदेशों के आगे बेवस एवं मूकदर्शक दिखाई दे रहे हैं जिसकी पुष्टि खाद्य निरीक्षकों से विरोधी पक्षों से संबंधित लाभपात्रियों से प्रत्यक्ष रूप में जांच फार्म पकड़ने हेतु कन्नी कतराने से मिलती है जोकि ऐसे लोगों को संबंधित कांग्रेसी कार्यकर्ताओं तक पहुंच करने की सलाह दे रहे हैं जबकि अनेकों लोग कांग्रेसी प्रतिनिधियों पर विश्वास न करते हुए उन्होंने पास फार्म जमा करवाकर कार्ड काटने या न बनने का डर महसूस कर रहे हैं।  इस सम्बन्धी विरोधी गुटों से संबंधित नेताओं ने कहा कि नीले कार्ड फार्म भरने की जिम्मेवारी केवल कांग्रेसी नेताओं को देने से साबित होता है कि कैप्टन सरकार दूसरी पार्टियों से संबंधित लोगों के कार्डों पर शिकंजा कसेगी और ज़रूरतमंद परिवारों को इस योजना से वंचित रखा जाएगा। इस सम्बन्धी जब खाद्य विभाग के उच्च अधिकारी से सम्पर्क किया तो उन्होंने माना कि जांच के कार्य को पूरा करने हेतु पंचायतों और समाजसेवी लोगों का सहयोग तो लिया जा सकता है परन्तु जांच फार्म भरने, पकड़ने एवं जांच करने की जिम्मेवारी तीन सदस्यीय कमेटी में खाद्य निरीक्षक, पटवारी एवं पंचायत विभाग के पंचायत सचिव की बनती है।