आवक बढ़ने से मक्की टूटी-गेहूं तेज : दलहनों में मंदा


नई दिल्ली, 9 जून (एजेंसी): बिहार की मंडियाें में मक्की की आवक का दबाव बढ़ जाने से गत सप्ताह 90/100 रुपए प्रति क्विंटल का वहां मंदा आ गया। हरियाणा, पंजाब पहुंच में भी यूपी, बिहार का माल काफी घटाकर बोलने लगे। वहीं गेहूं में सरकारी खरीद जारी रहने से दिल्ली-एनसीआर की मिलों में आवक घट गयी। फलत: यहां 15/20 रुपए की तेजी आ गयी। दलहनों में बंदरगाह वाली मंडियों से पड़ते न लगने के बावजूद पक्के माल में ग्राहकी कमजोर होने से मसूर, तुअर, चना 100/150 रुपए लुढ़क गये। मूंग भी नये माल के दबाव से 200 रुपए लुढ़ककर ठहर गयी। आलोच्य सप्ताह बिहार के गुलाबबाग, दरभंगा, बेगुसराय, खगड़िया के रैक प्वाइंटों पर मक्की की आवक बढ़ गयी तथा  रैक की लोडिंग हरियाणा, पंजाब, गुजरात के लिए घट गयी, जिससे 1750 रुपए से लुढ़ककर मक्की के भाव वहां 1600/1625 रुपए प्रति क्विंटल रह गये। बढ़िया सूखी मक्की 1650 रुपए तक बोली गयी, लेकिन दूर-दूर तक लिवाली नहीं  थी। इधर यूपी की साठी मक्की 1900/1925 रुपए राजपुरा, पानीपत, सोनीपत पहुंच में बेचू आ गये, जिससे यहां भी इसके भाव 1800/1825 रुपए प्रति क्विंटल रह गये। मक्की की पिछैती आवक बढ़ने तथा यूपी में भी साठी माल के निरंतर वृद्धि को देखते हुए इसमें 100 रुपए प्रति क्विंटल और निकल जाने के आसार बन गये हैं। इसके समर्थन में बाजरा भी 20/30 रुपए नरम बोला गया जबकि हाजिर में स्टॉक नहीं था। दूसरी ओर गेहूं की सरकारी खरीद अब तक 338.21 लाख टन के करीब हो चुकी है। सरकारी खरीद लक्ष्य 357 लाख टन का रखा गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य व केन्द्र सरकार जिन मंडियों में आवक हो रही है वहां खरीद जारी रखे हुए हैं। यही कारण है कि उक्त अवधि के अंतराल आवक घट जाने से गेहूं 15/20 रुपए बढ़कर 2005/2020 रुपए क्वालिटीनुसार लॉरेंसरोड पर बिक गया। दलहनों में मूंग एमपी के बाद यूपी, बिहार, झारखंड की आवक शुरू हो जाने से 200 रुपए क्वालिटीनुसार टूट गयी।