फिको द्वारा बिजली की कीमतों में वृद्धि को वापिस न लेने पर संघर्ष छेड़ने की घोषणा


लुधियाना, 9 जून (अ.स.): फैडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल आर्गेनाइजेशन (फिको) की एक अहम बैठक चेयरमैन के.के. सेठ के नेतृत्व में और प्रधान गुरमीत सिंह कुलार की अध्यक्षता में हुई जिसमें पंजाब सरकार द्वारा बिजली की कीमतों में की वृद्धि वापिस न लेने पर संघर्ष छेड़ने की घोषणा की गई है। सेठ एवं कुलार ने कहा कि 2017 के पंजाब विधानसभा चुनावों में कांग्रेस द्वारा राज्य के उद्योगपतियों को 4.99 रुपए प्रति यूनिट बिजली देने का वायदा किया गया था, परन्तु इस वायदे को कांग्रेस सरकार ने सही तरीके से लागू नहीं किया और उद्योगपतियों को मारने हेतु बिजली की कीमतों में वृद्धि कर दी है। उन्होंने कहा कि कई कारणों के कारण पंजाब विशेषकर लुधियाना के उद्योगपति मंदहाली के दौर में से गुजर रहे हैं, ऐसे समय में उद्योगपतियों को राहत देने की बजाये उन पर बिजली की कीमतें बढ़ाकर अतिरिक्त बोझ डाला गया है जिसको वह सहन करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब की कै. अमरेन्द्र सिंह के नेतृत्व वाली सरकार वास्तव में उद्योगपतियों की हितैषी है तो उसकी बिजली की कीमतों में की वृद्धि वापिस लेकर उद्योगपतियों को 4.99 रुपए प्रति यूनिट बिजली देनी चाहिए।फिको के उपचेयरमैन हरजीत सिंह सौंद एवं उपप्रधान बलदेव सिंह अमर ने कहा कि बिजली के अघोषित कटों के कारण उद्योगपति काफी परेशान हैं, क्योंकि अघोषित कट लगने के कारण औद्योगिक उत्पादन पर बहुत ही ज्यादा बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब उद्योगपति सरकार को बिजली के पैसे देते हैं तो सरकार को गुणवत्ता भरपूर एवं निर्विघ्न विद्युत सप्लाई देने का सुनिश्चित बनाना चाहिए। इस अवसर पर रमन सेठ निर्देशक सेठ इंडस्ट्रियल कार्पोरेशन भी उपस्थित थे।