इराक में फंसे पंजाबी नौजवान


अपरा, 11 जून (भिंदर पाल सिंह) : गांव छोकरा के कुछ युवा रोज़ी-रोटी कमाने ईराक गए पर एजैंट की चालबाज़ी के कारण वे आज पंजाब आने को तरस रहे हैं। रणदीप कुमार पुत्र राम लुभाया, बलजीत कुमार पुत्र अमरजीत, सौरव कुमार पुत्र गुदावर राम, संदीप कुमार पुत्र जोगिंदर कुमार, अमनदीप पुत्र सतनाम, प्रभजीत पुत्र सरबजीत, कोमलजोत पुत्र मोहन लाल के पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि उनके बच्चे इरबिल (ईराक) में फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिस महिला एजैंट ने उन्हें भेजा है वह भी गांव की ही रहने वाली है। इस महिला एजैंट ने उनसे 2 लाख 20 हज़ार हरेक से व इसके अलावा दिल्ली एयपोर्ट पर पेपर वीज़ा के नाम पर 80-80 हज़ार रुपए अलग से वसूली की। जब वे ईराक पहुंचे तो वहां उन्हें वर्क परमिट के नाम पर तंग किया जाने लगा और कहा जाने लगा कि और पैसे लगेंगे। इस पर सभी परेशान होकर इंडियन एबैंसी के आगे इकट्ठे हो गए और अंदर जाकर महिला एजैंट की शिकायत की। मामला अभी तक ठंडे बस्ते में ही है और उनके बच्चे पैसे भेजने की बजाय पंजाब से पैसे मंगवाकर गुजारा कर रहे हैं। अभिभावकों ने गुहार लगाते हुए कहा कि उनकी मांग है आरोपी महिला एजैंट के खिलाफ कार्रवाई करके उनके बच्चों को वापस लाया जाए। इस पर जब आरोपी महिला एजैंट के घर जाकर तय तक जाने की कोशिश की गई तो वहां पर मौजूद एक वृद्धा ने बताया कि उसकी बहू विदेश में हैं और उसे इस बारे कुछ भी पता नहीं है, वह कुछ भी नहीं जानती।