छोटे उद्योगों के लिए नया बिजली कनैक्शन हुआ महंगा


जालन्धर, 15 जून (शिव शर्मा): लोकसभा चुनावों के बाद जहां बिजली महंगी होने से छोटी औद्योगिक इकाईयों को झटका लगा था परन्तु अब छोटी व मध्यवर्गीय औद्योगिक इकाईयों के लिए नया बिजली कनैक्शन लेना व लोड बढ़ाना महंगा कर दिया गया है। पावरकाम ने दोनों तरह की औद्योगिक इकाईयों पर लगभग 25 प्रतिशत तक बोझ डाल दिया है। 20 किलोवाट तक की समर्था वाली छोटी औद्योगिक इकाईयों के लिए बिजली का नया कनैक्शन लेने सहित सारा खर्च 2000 प्रति किलोवाट का खर्च वसूल किया जाता था परन्तु अब नई लागू हुईं फीसों अनुसार उनको अब 2500 रुपए प्रति किलोवाट की फीस वसूल की जाएगी। 20 किलोवाट तक की छोटी औद्योगिक इकाईय को लगभग 10000 रुपए कनैक्शन की फीस अधिक देनी पड़ेगी। इसी तरह से 20 किलोवाट से लेकर 100 किलोवाट तक वाली औद्योगिक इकाईयों के लिए कनैक्शन का अब 2500 रुपए प्रति किलोवाट की फीस वसूल की जाएगी जबकि पहले यह फीस 1900 रुपए प्रति किलोवाट वसूल की जाती थी। इस तरह से 100 किलोवाट का कनैक्शन लेने वाली औद्योगिक इकाई को एक कनैक्शन के लिए 60000 रुपए के लगभग अधिक राशि देनी पड़ेगी। पावरकाम ने छोटी औद्योगिक इकाईयों के लिए तो कनैक्शन लेना महंगा होने के साथ-साथ 1.50 किलोमवाट के लोड वाले छोटे दुकानदारों के लिए भी कनैक्शन लेना महंगा हो गया है। पहले 1.50 किलोवाट तक का कनैक्शन लेने के लिए 375 रुपए की फीस देनी पड़ती थी तथा इसमें अब तीन गुणा फीस कर 1000 रुपए डेढ़ किलोवाट तक का कनैक्शन लेने की फीस तय कर दी है। औद्योगिक इकाईयों के लिए बिजली कनैक्शन लेना महंगा होने से इसका असर औद्योगिक इकाईयों पर पड़ सकता है क्योंकि इस समय राज्य में बड़ी औद्योगिक इकाईयों से अधिक छोटी व मध्यवर्गीय औद्योगिक इकाईयों की गिनती 1.30 लाख के लगभग है। छोटी औद्योगिक इकाईयों में काम करने वाले मज़दूरों की गिनती अधिक है। औद्योगिक इकाईयों व मध्यवर्गीय औद्योगिक इकाईयों से जुड़े संगठन लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय नेता विजय तलवार ने कनैक्शन लेने की फीस में वृद्धि की निंदा करते हुए कहा कि औद्योगिक इकाईयों पर यह बोझ अधिक है।