खूबसूरत बच्चा


एक बार अकबर बादशाह ने बीरबल से कहा कि बीरबल, आज हम दुनिया का सब से खूबसूरत बच्चा देखना चाहते हैं अत: दरबार में हमारे सामने शाम होने से पहले पहले तुम दुनिया का सब से खूबसूरत बच्चा पेश करो। अगर तुम ऐसा नहीं कर पाये तो तुम्हें जान से हाथ धोना पड़ेगा। इतना सुनते ही बीरबल का रंग पीला पड़ गया और दरबारियों के चेहरे खिल उठे। वो आपस में बातें करने लगे कि आज हमारे रास्ते का कांटा शाम तक साफ हो जायेगा। बीरबल ने सर झुका कर अकबर बादशाह को सलाम किया और बोला-जो हुकुम आलमपनाह। इतना कह कर हैरान परेशान बीरबल अपने घर की तरफ चल पड़ा। रास्ते भर बीरबल सोचता चला आ रहा था कि शाम होने तक आखिर वो दुनिया का सब से खूबसूरत बच्चा आलमपनाह की खिदमत में कैसे पेश कर सकता है। ऐसा बच्चा ढूंढने में तो मुझे महीनाें लगेंगे।  घर पहुंचने पर बीरबल की पत्नी ने जब बीरबल से परेशानी का कारण पूछा तो बीरबल ने अकबर बादशाह की सनक के बारे में अपनी पत्नी को बताया। सारा किस्सा सुनने के बाद बीरबल की पत्नी मुस्कुराने लगी। पत्नी को मुस्कुराता देख बीरबल का मौत के खौफ से पीला हुआ चेहरा गुस्से से लाल हो गया। बीरबल ने पत्नी से हंसने का कारण पूछा। पत्नी बोली आप चिंता न करें दुनियां का सब से खूबसूरत बच्चा आप को मिल
जाएगा। भाग्यवान, शायद तूने सही तरीके से नहीं सुना। बादशाह सलामत ने मुझे आज शाम तक दुनियां का सब से खूबसूरत बच्चा दरबार में पेश करने का हुकुम दिया है। हां मैं जानती हूं। आप ने अभी मुझे बताया है। बीरबल की पत्नी ने बीरबल के कान में चुपके से कुछ कहा। पत्नी की बात सुनते ही बीरबल की आंखों में चमक आ गई। बीरबल की पत्नी ने खाना परोसा और दोनों पति पत्नी ने साथ बैठकर आराम से खाना खाया। खाना खाकर बीरबल आराम से सो गया। जिन दरबारियाें की बीरबल राह का कांटा था वे, पल पल बीरबल पर नजर रखे थे। बीरबल के शाम होने से कुछ देर पहले तक भी घर से बाहर न निकलने की बात सुनकर ये लोग खुशियां मनाने लगे। शाम को दरबार लगा था। अकबर बादशाह सिंहासन पर बैठे थे। तभी एक बच्चे को गोद में लिये बीरबल दरबार में हाजिर हुआ। बीरबल ने सिर झुकाकर बादशाह
सलामत को सलाम किया और बोला-हुजूर ये रहा दुनिया का सब से खूबसूरत बच्चा। अकबर बादशाह की नजर जब बच्चे पर पड़ी तो गुस्से के मारे बादशाह का चेहरा लाल हो गया। अकबर बादशाह ने गुस्से में बीरबल से कहा, बीरबल, ये क्या मजाक है। हमने तुम से दुनियां का सब से खूब सूरत बच्चा दरबार में पेश करने को कहा था। यह काला, मिट्टी गारे में सना हुआ, इस के मुंह पर किस कदर नाक थूक लगा है। नंग- धड़ंग ये बच्चा क्या  दुनिया का सब से खूबसूरत बच्चा है। बीरबल हम से हमारे कुछ दरबारी ठीक ही कहते हैं। अब तुम हमारे नौरत्नाें में रहने लायक नहीं रहे। तुमने हमारा मजाक उड़ाया है। इस की तुम्हें सजा........ अभी अकबर बादशाह अपनी बात पूरी भी नहीं कर पाये थे कि एक रोती, चीखती, बिलबिलाती बदहाल बदहवास औरत दरबार में हाजिर हुई। मेरा बच्चा, मेरा लाल, मेरे कलेजे का टुकड़ा, मेरा कलवा, मेरा कलवा। कौन हो तुम- अकबर बादशाह ने उस औरत से पूछा। सरकार मेरा बच्चा घर के बाहर खेल रहा था। ये बीरबल उठा लाया।  बीरबल ने उस महिला को देखते ही बच्चे को छुपा लिया। सरकार, मेरा बच्चा, मेरा बच्चा। महिला दहाड़ें मार मार कर रो रही थी। अकबर बादशाह हैरान परेशान हुए सारा माजरा देख रहे थे। तभी दरबार में एक दूसरी महिला ने प्रवेश किया, इस महिला के पास पांच छ: बहुत ही खूबसूरत बच्चे थे। इन बच्चों ने बहुत ही सुन्दर सुन्दर कपड़े पहन रखे थे। बच्चे मानाें किसी मूरत के समान थे। वो महिला बच्चों सहित बीरबल के पास आकर खड़ी हो गई। दूसरी महिला अपने बच्चे को पाने के लिए दुहाई दे रही थी, जोर  से रो रही थी। बीरबल ने एक बहुत ही खूबसूरत बच्चा पास खड़ी महिला से लेकर रो रही महिला को यह कहते हुए दे दिया-ले अपना बच्चा। रो रही महिला ने बच्चे को देखा और बोली-आलमपनाह, ये मेरा बच्चा नहीं है, ये मेरा कलवा नहीं है। मुझे मेरा कलवा दिला दो,मेरा कलवा कहां है। बीरबल मेरा बच्चा दे दे।पहला बच्चा लेकर बीरबल ने पास खड़ी महिला से दूसरा खूबसूरत बच्चा लेकर रोती हुई महिला को दे दिया। नहीं नहीं, ये मेरा बच्चा नहीं है। रोती
महिला ने दूसरा बच्चा भी बीरबल को वापस कर दिया। इस तरह सुंदर-सुंदर बच्चे बीरबल रोती महिला को देता रहा और वो महिला बच्चे वापस करती रही।  यह अजीब गरीब तमाशा देखकर अकबर बादशाह को गुस्सा आ गया। बादशाह ने गुस्से में सिंहासन से उठते हुए कहा, बीरबल यह सब क्या तमाशा हो रहा है। बीरबल हाथ जोड़कर बोला- आलमपनाह आप के हुकुम के अनुसार आप को दुनियां का सब से खूबसूरत बच्चा दिखाने की कोशिश कर रहा हूं। इतना कहकर बीरबल ने छुपाया हुआ वो काला कलूटा, नंग धड़ंग नाक मिट्टी में सना बच्चा रोती हुई महिला की गोद में दे दिया। मेरा लाल, मेरा कलवा, मेरा चांद कहते हुए उस महिला ने उस बच्चे को सीने से लगा लिया और चूमने चाटने लगी। अकबर बादशाह यह मंजर देख सारी बात समझ गए, उन्हाेंने आगे बढ़कर बीरबल को गले से लगा लिया, और बोले-बीरबल हमें और कुछ दिखाने या बताने की जरूरत नहीं। हम समझ गये कि एक मां के लिए उस का बच्चा दुनियां के तमाम बच्चाें से खूबसूरत होता है। उस के बच्चे के सामने दुनियां की तमाम दौलत बेकार और बेमानी होती है। तुमने हमारी आंखें खोल दी। हम परवरदिगार से माफी मांगते हैं
कि हमने तुम से दुनियां का सब से खूबसूरत बच्चा देखने की तमन्ना की।अकबर बादशाह ने बीरबल और उस महिला को इनामों से नवाजा। एक बार फिर बीरबल की बुद्धिमानी के अकबर बादशाह कायल हो गए। (उर्वशी)