ग्रीनलैंड में सदी के अंत तक पिघल जाएगी 4.5 प्रतिशत बर्फ 


न्यूयॉर्क, 23 जून (एजेंसी) : एक नए अध्ययन ने इस बात की चेतावनी दी है कि यदि दुनियाभर में ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन यथावत बनी रही तो इस सदी के अंत तक ग्रीनलैंड में 4.5 प्रतिशत तक बर्फ पिघल जाएंगी, जिससे समुद्र के स्तर पर 13 इंच की वृद्धि होगी। साइंस एडवांसेस नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि ऐसा भी हो सकता है कि साल 3000 तक यहां बर्फ ही न बचे। अमरीका में अलास्का फेयरबैंक्स जियोफिजिकल इंस्टीच्यूट में अनुसंधान के प्रमुख लेखक एंडी ऐशवैनडेन ने कहा, ‘आने वाले समय में ग्रीनलैंड कैसा दिखेगा- 200 सालों या एक हजार साल में--या तो वहां हरे घास की भूमि होगी या आज का ग्रीनलैंड होगा, यह सबकुछ हम पर है।’ इस रिसर्च में वहां के बर्फ की चादर में से नए आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया ताकि भविष्य के लिए महत्वपूर्ण खोज की जा सके। अध्ययन में कहा गया कि यदि ग्रीन हाउस गैस सांद्रता ऐसी ही बनी रही तो सिर्फ ग्रीनलैंड से पिघलने वाली बर्फ साल 3000 तक दुनिया भर में समुद्र के स्तर में 24 प्रतिशत वृद्धि ला सकती है जिससे सैन फ्रांसिसको, लॉस एंजेलिस, न्यू ऑर्लीन्स और कई अन्य शहर पानी के अंदर समा सकती है।