1 अगस्त से एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई के लिए लागू होगा नया पाठ्यक्रम


लुधियाना, 11 जुलाई (भूपिन्द्र बैंस) : भारत सरकार द्वारा उत्तम दर्जे के डाक्टर पैदा करने के लिए डाक्टरी शिक्षा के पाठ्यक्रम में बड़े स्तर पर बदलाब किया है, जिनको 1 अगस्त से लागू किया जा रहा है। भारत सरकार में आते इंडियन मैडीकल कौंसल नई दिल्ली के सदस्य और सी.एम.सी. अस्पताल में सेवाएं निभा रहे डा. दिनेश बड़ियाल ने बताया कि एम.सी.आई. द्वारा जारी किए निर्देशों मुताबिक देश में 1997 से जो एम.बी.बी.एस. के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा था, में अधिक बदलाब कर दिए गए हैं, जिसके अनुसार अब डाक्टर-विद्यार्थियों को कोई भी विषय जैसे मैडीसन या सर्जरी पहले की तरह अलग-अलग नहीं पढ़ाए जाएंगे, सभी सारे डाक्टर अध्यापक इकट्ठे होकर विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे ताकि विषयों में गलतियों को रोका जाए।  उन्होंने आगे बताया कि इससे पहले नये दाखिल हुए डाक्टर विद्यार्थियों को एक महीने का फाऊंडेशन कोर्स करवाया जाएगा ताकि विद्यार्थियों के दिमाग में मानसिक तनाव और चिंता के अलावा अंग्रेजी और पढ़ाई का डर बाहर निकालकर उनकी शख्सियत में निखार लाया जा सके। इसके साथ ही विद्यार्थियों को उस क्षेत्र या राज्य की भाषा भी सिखाई जाएगी, जहां उसको दाखिला मिलेगा ताकि जो एक-दूसरे के साथ सही संवाद स्थापित कर सकें। इसके साथ ही विद्यार्थियों को शुरू में कम्प्यूटर शिक्षा भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब विद्यार्थियों को पहले दिन से ही पढ़ाई के साथ-साथ प्रयोगी शिक्षा भी करनी ज़रूरी होगी।