गले को सुखद एहसास देते पानी के गरारे


मौसम बदलने पर ठंडा गर्म का सेवन बिना अंतराल के करने पर, ज्यादा जोर से चिल्लाने पर, प्रदूषण में बाहर ज्यादा रहने पर गला खराब होना, दर्द होना यह आम समस्या लोगों में परेशानी का कारण बनी रहती है। हल्के गुनगुने पानी में नमक मिलाकर गरारे करना ओरल हैल्थ के लिए अच्छा माना जाता है। 
थोड़ा दांतों में दर्द होने पर भी डेंटिस्ट नमक मिले पानी से कुल्ला करने को कहते हैं क्योंकि नमक का पानी मुंह के गंदे बैक्टीरिया को साफ करता है और उन्हें वापस मुंह में आने से रोकता है। नमक मिला गुनगुना पानी गले की खराश,सर्दी, जुकाम, मुंह में अल्सर और दांतों की तकलीफ से राहत दिलाता है।
गरारे और कुल्ला कैसे करें
एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिला लें, फिर इस पानी को मुंह में भरकर मुंह थोड़ा ऊपर कर गरारे करें ताकि गले को उस नमक मिले पानी से राहत मिले। फिर पानी को गिरा दें, पुन: भरकर फिर करें। इस प्रकार इस प्रक्रिया को कई बार दोहराएं। ध्यान दें नमक वाला पानी मुंह से बाहर फेंकना है उसे पीना नहीं है अन्यथा आपको डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है और हाई ब्लड प्रैशर भी हो सकता है। कई बार कैल्शियम की कमी भी हो सकती है।मुंह में मसूड़ों के सूजने पर गुनगुने पानी में नमक मिलाकर मुंह में भरें और उस पानी को मुंह में घुमाएं और बाहर फेंके, इस प्रकार इस प्रक्रि या को एक बार में तीन-चार बार करें और दिन में दो से तीन बार करें।
 गले की खराश
गले की खराश या गले के अंदर सूजन होने पर नमक के पानी से गरारे करना बेहतर और आसान उपाय है। नमक वाला पानी गले के सूजे हुए टिश्यूज को आराम पहुंचाता है जिससे सूजन और खराश से राहत मिलती है।
मुंह में अल्सर
मुंह में अल्सर होने पर नमक वाले पानी से गरारे करने पर अल्सर में होने वाले दर्द से राहत मिलती है और सूजन भी कम होती हे। टांसिल्स में भी गरारे लाभप्रद होते हैं।
साइनस
शोधकर्ताओं के अनुसार साइनस के रोगियों को भी नमक वाला पानी आराम पहुंचाता है। साइनस संबंधित रोगियों को दिन में कम से कम चार बार नमक वाले गर्म पानी से गरारे करने चाहिएं।
प्रदूषण से एलर्जी
धूल मिट्टी के संपर्क में आने से गले में खिचखिच होने पर घर आकर गर्म पानी से गरारे करने से राहत मिलती है। मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए भी नमक वाले पानी से कुल्ले करें। धूल मिट्टी से हुई एलर्जी में नमक वाले पानी से आराम मिलता है।
(स्वास्थ्य दर्पण)