सितंबर तक खत्म होगा नोटबंदी का असर: वर्ल्ड बैंक


वाशिंगटन, 12 जनवरी - विश्व बैंक का कहना है कि किसी भी सुधारवादी कदम की अल्पकालीन कीमत चुकानी पड़ती है और भारत में नोटबंदी का प्रतिकूल प्रभाव भी मध्यावधि यानी सितंबर तक खत्म हो जाएगा। 

विश्व बैंक में विकास संभावना समूह के निदेशक एहान कोसे ने कहा कि किसी सुधारात्मक उपाय की अल्पकालीन कीमत तो चुकानी ही पड़ती है लेकिन इसका दीर्घकालीन फायदा भी होता है। भारत के मामले में हम उम्मीद करते हैं कि नोटबंदी का चाहे जो भी प्रतिकूल असर रहा हो लेकिन यह असर मध्यावधि तक गायब हो जाएगा।

कोसे ने यह भी कहा कि विश्व बैंक को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2018 और 2019 तक भारत की विकास दर की रफ्तार तेज होगी। इसमें निजी खपत, अधोसंरचना निवेश और निवेश में तेज वृद्धि का योगदान रहेगा। भारत ने व्यापक सुधार की पहल शुरू कर दी है।