गांव झोरड़ मलोट में 2 दलित युवकों के साथ हुई अमानवीय घटना की कड़ी निंदा - राजेश बाघा

चंडीगढ़, 9 जून - पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व चेयरमैन राजेश बाघा ने श्री मुक्तसर साहिब जिले के गांव झोरड़ में अनुसूचित जाति के परिवार के 2 नौजवानों के साथ हुई बेरहमी की घटना की कड़ी निंदा की है। श्री बाघा ने कहा कि अखबारों में छपी खबर के अनुसार, दो नौजवानों को नंगा करके, रस्सियों से बांधकर खेतों में घसीटना और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करना बहुत निंदनीय, अमानवीय और संविधान की भावना के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान में हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया गया है। जाति के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ ऐसी क्रूरता सभ्य समाज पर एक धब्बा है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। श्री बाघा ने पंजाब सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और SC/ST (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा और कानूनी मदद दी जाए। मामले की निष्पक्ष जांच किसी सीनियर अधिकारी से करवाई जाए और 7 दिन के अंदर चालान पेश किया जाए। पीड़ित युवक के पुनर्वास और आर्थिक मदद का इंतजाम किया जाए। श्री बाघा ने कहा कि पंजाब की धरती गुरु साहिबानों की धरती है, यहां भेदभाव की कोई जगह नहीं है।

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