राष्ट्रपति चुनाव के लिए देश भर में मतदान सम्पन्न


नई दिल्ली, 17 जुलाई (उपमा डागा पारथ): भारत के 14वें राष्ट्रपति के चुनाव हेतु आज संसद भवन व देशभर के 31 विधानसभाओं में 99 प्रतिशत मतदान हुआ। चाहे आंकड़े एन.डी.ए. के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की जीत का संदेश दे रहे हैं परंतु विपक्ष ने ‘पूरी ताकत’ से लड़ने के जज़्बे से चुनाव में भाग लिया। हालांकि विपक्ष की एकजुटता में पहली दरार बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार द्वारा एनडीए के उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान कर डाली। आज हुए मतदान में भी विपक्षी दल के कई सहयोगी, जिनमें एन.सी.पी. व नैशनल कान्फ्रैंस भी शामिल है, पहले से ही हार स्वीकार किए नज़र आ रहे थे। जहां सरकार द्वारा बार-बार कोविंद की जीत के बयान दिए जा रहे थे, वहीं विपक्षी दल को झटका उस समय भी लगा, जब केन्द्र की विरोधी मानी जाती तृणमूल कांग्रेस के भी 6 विधायकों ने कोविंद के समर्थन का ऐलान कर दिया। टीएमसी विधायक, अपने प्रादेशिक मुकाबलेबाज सी.पी.आई. (एम) के उम्मीदवार (मीरा कुमार) का समर्थन करने के पक्ष में नहीं थे, जिस पर ममता बनर्जी ने पुन: अपील करते हुए ‘अन्याय के खिलाफ वोट’ डालने को कहा। एन.डी.ए. के उम्मीदवार की जीत के लिए सबसे बड़ा आधार बनने वाले उत्तर प्रदेश प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ‘प्रदेश के बेटे’ रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने को गर्व की बात करार दिया।  समय से पहले पहुंचे प्रधानमंत्री  : राष्ट्रपति पद के लिए मतदान का निर्धारित समय सुबह 10 बजे होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समय से 10 मिनट पहले ही वोट डालने के लिए संसद में पहुंच गए। वहां मौजूद अधिकारियों को हैरान होते देख मोदी ने माहौल को हलका बनाते हुए कहा कि वह स्कूल में भी समय से पहले पहुंच जाया करते थे।
कुछ स्थानों पर हुई क्रास वोटिंग : त्रिपुरा से कांग्रेस के एक व टीएमसी के 6 विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर कोविंद के पक्ष में वोटिंग की। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल यादव ने भी कोविंद को समर्थन दिया। यादव ने अपने साथ 15 अन्य विधायकों द्वारा एनडीए के उम्मीदवार को वोट डालने का दावा किया जबकि समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने मीरा कुमार को समर्थन देने का ऐलान किया था। झारखंड के 3 आज़ाद विधायकों ने भी कोविंद के पक्ष में वोटिंग की, जबकि गुजरात के भाजपा के बागी विधायक ने मीरा कुमार को वोट डाली। गुजरात के जेडीयू के विधायक ने वोटिंग में भाग नहीं लिया।
हरे व गुलाबी रंग के बैलेट पेपर : चुनाव आयोग द्वारा सांसदों के लिए हरे रंग, जबकि विधायकों के लिए गुलाबी रंग के बैलेट पेपर की व्यवस्था की गई थीं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति चुनावों के लिए मैसूर से विशेष तौर पर डिज़ाइन किए गए पैनों का उपयोग किया गया। किसी अन्य  पैन से डाली गई वोट को उचित नहीं माना जाएगा।
20 को आएंगे चुनाव परिणाम : राष्ट्रपति चुनावों के परिणाम 20 जुलाई को घोषित किए जाएंगे। मौजूदा राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त होगा।