चीन के कब्ज़े वाले कश्मीर को वापस लेने की ताकत भारत में नहीं : फारुख अब्दुल्ला


नई दिल्ली, 17 जुलाई (इंट) : जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा है कि भारत के पास ताकत नहीं है कि वह चीन के कब्ज़े वाले कश्मीर को वापस ले सके। हालांकि उन्होंने कहा कि जंग इस मसले का हल नहीं है बल्कि चीन से दोस्ती करके ही यह मुद्दा सुलझाया जा सकता है। फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि लद्दाख ने चीन के अक्साई चीन को कब्ज़े में लिया हुआ है। हम इसे लेकर चिल्लाते रहते हैं लेकिन हमारे पास इसे वापस लेने की ताकत नहीं। फारुख ने कहा, चीन के साथ तनाव कम करने का सिर्फ एक ही रास्ता है कि हम दोस्त बन जाएं, जंग कोई हल नहीं है। फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि हमें अपनी डिप्लोमेटिक कोशिशों को बढ़ाना चाहिए। फारुख ने कहा कि चीन का मकसद कराकोरम-बाय पास बनाना है जो कि उन्हें बंदरगाह से जोड़ देगा और उनके लिए सिल्क रूट के तौर पर काम करेगा। यह बायपास चीन के कब्ज़े वाले इलाके से होकर गुजरेगा। फारुख ने कहा कि दलाई लामा एक और मुद्दा। चीन कहता है कि हम उन्हें देश से बाहर भेजे। भारत जानता है कि किसी को शरण कैसे दी जाती है। हम किसी को देश से बाहर नहीं फैंक सकते हैं।
नेशनल कॉन्फ्रैंस अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने आज भारत को पाकिस्तान के साथ दोस्ती करने की नसीहत दी। अक्सर विवादित बयानों के कारण चर्चित रहने वाले फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि आज चीन, पाक का दोस्त है। अगर हमने उनसे (पाक) दोस्ती निभाई होती तो पाकिस्तान का दोस्त नहीं होता। उनका मानना है कि दोस्ती से ही घाटी के हालात सुधर सकते हैं। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि बिन आतंकवाद बंद किए पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं होगी।