महिला विश्व कप इतिहास रचने से एक कदम दूर भारतीय महिलाएं 


लंदन, 22 जुलाई (एजैंसी) :  महिला विश्व कप के पिछले संस्करण में भारतीय टीम सातवें स्थान पर रही थी, लेकिन इस बार इतिहास ने अपने आप को दोहराया और साल 2005 की तरह भारतीय महिलाओं ने विश्व कप के फाइनल में कदम रख दिया है। अब रविवार को उसका सामना मेजबान इंग्लैंड से ‘क्रिकेट का मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर होगा। भारत टूर्नामेंट के लीग दौर के अपने पहले मैच में इंग्लैंड को हरा चुकी है।  साल 2005 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व कप का  में हारने वाली भारतीय टीम के लिए रविवार का दिन विशेष है। 
भारतीय टीम इंग्लैंड के मुकाबले बेहतर फॉर्म में दिखाई दे रही है। मैच की सभी टिकटें बिक चुकी हैं। दुनिया भर में करीब पांच करोड़ से ज्यादा लोगों ने लीग मैचों का और कुल करीब साढ़े सात करोड़ लोगों ने इस विश्व कप में खेले गए सभी मैचों का लुत्फ उठाया है। 
इस मैच में 2005 विश्व कप टीम का सदस्य झूलन गोस्वामी चार रन बनाते ही एक हजार रन और सौ विकेट लेने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगी। आस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में हरमनप्रीत 171 रन बनाकर भारत की ओर से दूसरा सबसे बड़ा निजी स्कोर बनाने का कमाल पहले ही कर चुकी हैं।  इससे बड़ा स्कोर इसी टीम की सदस्य दीप्ति शर्मा के नाम (188) है जो उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ इस साल मई में बनाया था। फाइनल में भारत का पलड़ा मेजबान टीम पर भारी लग रहा है। 
भारतीय टीम में युवा जोश की आक्रामकता और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा तालमेल है जो टीम की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में दिखाई देता है। भारतीय स्पिनर फॉर्म में चल रहीं जो सीम और स्विंग कंडीशंस में भी बढ़िया प्रदर्शन कर रही हैं। दीप्ति शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ लीग दौर में 8.3 ओवरों में 47 रन देकर तीन विकेट हासिल करके न सिर्फ शानदार प्रदर्शन किया था। उनसे फाइनल में टीम को इसी प्रदर्शन की उम्मीद होगी।  उन्होंने उस मैच में नतालीए डेनियल और अन्या के विकेट चटकाये थे।