वेंकैया नायडू ने ली उप-राष्ट्रपति पद की शपथ


नई दिल्ली, 11 अगस्त (उपमा डागा पारथ) : भारत के 13वें उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने पद्भार सम्भालने के बाद दिए भाषण में स्पष्ट करते हुए कहा कि संसदीय लोकतंत्र में सारा गणित, अंकों (नम्बरों) का है। सत्ता व विपक्ष को ‘निश्चित’ समय दिए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए नायडू ने कहा कि इसके लिए सदन को गतिरोधों की बजाय रणनीतिक तौर पर चलाना होगा। नए उप-राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि राज्यसभा के चेयरमैन होने के नाते वह यह यकीनी बनाएंगे कि जब प्रस्ताव पर बहस हो तो विपक्ष को अपनी बात कहने दी जाए परंतु आखिरकार सरकार को अपने तरीके से काम करने दिया जाएगा क्योंकि सरकार के पास जनता का फतवा है। पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने सदन को आश्वासदन देते हुए कहा कि उनकी भूमिका राजनीति से ऊपर है। राज्यसभा का कार्यभार सम्भालने से पूर्व वेंकैया नायडू ने राष्ट्रपति भवन में पद की शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा देश के 13वें उपराष्ट्रपति के रूप में दिलाई शपथ नायडू ने हिन्दी में ली। नायडू ने शपथ लेने से पूर्व राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भेंट की। उन्होंने सरदार पटेल व दीनदयाल उपाध्याय को भी श्रद्धांजलि भेंट की।
सदन की हर बारीकी से वाकिफ हैं नायडू : मोदी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऊपरी सदन में वेंकैया नायडू का स्वागत करते हुए कहा कि वर्षों तक संसद के माहौल में रचे बसे नायडू शायद देश के पहले ऐसे उप-राष्ट्रपति हैं जो सदन की हर बारीकी से वाकिफ हैं। मोदी ने नायडू को स्वतंत्र भारत में पैदा होने वाले पहले उप-राष्ट्रपति भी करार दिया। मोदी ने ‘जे.पी. आंदोलन की पैदाइश’ व सामान्य किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले नायडू की प्रशंसा करने के साथ-साथ विशेष तौर पर उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र आज इतना परिपक्व हो गया है कि सामान्य पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले लोक संविधान के सबसे ऊंचे पदों पर बैठे हैं। दूसरी ओर सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने इसे अमीरी-गरीबी से जोड़ने की जगह लोकतंत्र की ताकत का करिश्मा बताया।