हंगामेदार परंतु सार्थक रहा संसद का मानसून सत्र


नई दिल्ली, 11 अगस्त (उपमा डागा पारथ) : हंगामेदार पर सार्थक रहे संसद के मानसून सत्र में केन्द्र 14 प्रस्ताव पारित करवाने में सफल रहा। 17 जुलाई से 11 अगस्त तक चले मानसून सत्र में लोकसभा में 77.94 फीसदी जबकि राज्यसभा में 79.95 फीसदी कामकाज हुआ जबकि विभिन्न मुद्दों पर हुए हंगामों के कारण लगभग 30 घंटे बर्बाद हुए।  सत्र के बाद केन्द्रीय संसदीय मंत्री अनंत कुमार ने प्रैस कान्फ्रैंस में जानकारी देते हुए कहा कि मानसून सत्र में हुए 19 दिन की बैठकों में लोकसभा में पेश किए गए 17 प्रस्तावों में से 14 प्र्रस्ताव पारित हुए जबकि राज्यसभा में 9 प्रस्ताव पारित हुए। कुल 13 प्रस्ताव ऐसे रह गए हैं जिन पर दोनों सदनों की मुहर लग चुकी है।  लोकसभा में लगभग साढ़े 10 घंटे अतिरिक्त काम कर कई अहम विषयों पर चर्चा भी की गई जिसमें किसानों की बदहाली, भीड़ द्वारा हिंसक हमले, कश्मीर मुद्दा व चीन के मुद्दे अहम रहे।  सत्र दौरान सत्ता व विपक्ष द्वारा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोपों के अलावा हाल ही में गुजरात दौरे पर गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की गाड़ी पर हुए पथराव का मुद्दा भी उठा। देश को नए राष्ट्रति व उप-राष्ट्रपति देने वाले सत्र में बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती का इस्तीफा भी सुर्खियों में रहा।