इस बार चुनावों में पाक हिन्दू मैदान में उतारेंगे अपने उम्मीदवार


अमृतसर, 9 सितम्बर (सुरिन्दर कोछड़): पाकिस्तान में वर्ष 2018 में होने जा रहे लोकसभा व पंजाब विधानसभा चुनावों में इस बार पाकिस्तानी हिन्दुओं ने विभिन्न बहुसंख्यक हिन्दू आबादी वाले शहरों में हिन्दू उम्मीदवार मैदान में उतारने की योजना बनाई है। गत दिनों लाहौर में पाकिस्तान हिन्दू सुधार सभा की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इस अवसर पर ज़िला सियालकोट, नारोवाल, शकरगढ़, शेखूपुरा, अटक (गांव गेबा), रहीम यार खान, मंडी बहाउदीन सहित अन्य ज़िलों से अलग-अलग हिन्दू संगठनों व राजनीतिक दलों से संबंधित हिन्दू पदाधिकारी व नेता शामिल थे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए हिन्दू सुधार सभा के अध्यक्ष अमरनाथ रंधावा ने बताया कि पाक के सिंध प्रांत के 13 व पंजाब के दो ज़िलों में अल्पसंख्यक समुदाय की वोटों की कुल संख्या 29,97,841 है, जिनमें पाक के सबसे बड़े अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय की 14,98,275 वोटें शामिल हैं। जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि हिन्दू समुदाय की उपरोक्त वोटों में से सिंध प्रांत में हिन्दू वोटरों की संख्या 13,97,559, पंजाब में 73,152, बलोचिस्तान 22,766, खैबर पख्तूनख्वा 4022, फाटा (संघीय प्रशासनिक फाज़ल इलाका), 586 व इस्लामाबाद में 188 मतदाता हैं। सिंध के ज़िला उमरकोट में कुल 49 फीसदी हिन्दू मतदाता हैं, मीरपुर खास में 33 फीसदी, टंडो अल्ला यार में 26 व गोटकी, हैदराबाद, कराची व टंडो मुहम्मद खां में भी हिन्दू वोटरों की संख्या 17 फीसदी के करीब है। इस सबको ध्यान में रखते हुए हिन्दू सुधार सभा द्वारा सैंट्रल व पंजाब विधानसभा चुनावों में इस बार किसी अन्य कौम के उम्मीदवार को सहयोग देने की बजाय हिन्दू समुदाय के लोगों को चुनाव मैदान में उतारने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि हिन्दू समुदाय के लोगों के चुनाव जीतकर सत्ता में आने के बाद हिन्दुओं व अन्य अल्पसंख्यक भाईचारे के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए बेहतर कदम उठाए जा सकेंगे और अधिक से अधिक सुविधाएं दी जा सकेंगी। उपरोक्त बैठक में सर्वसम्मति से यह भी फैसला लिया गया कि इस बार पंजाब विधानसभा चुनावोें में हिन्दू महिलाओं को भी चुनाव मैदान में उतारा जाएगा और उपरोक्त संबंधी अंतिम फैसला 14 सितम्बर को बुलाई गई आल पंजाब हिन्दू लीडर्स कान्फ्रैंस में लिया जाएगा। उपरोक्त बैठक में चमन लाल ठाकुर, कस्तूरी लाल ठाकुर, हकीम रतन लाल, पंडित हरबंस लाल, विजय जग्गी, अमीर चंद, रतन लाल सहित अन्य हिन्दू नेता भी मौजूद थे।