बेदाग व ईमानदार छवि वाले नेता हैं सुनील जाखड़


बटाला, 20 सितम्बर (कमल काहलों) : गुरदासपुर लोकसभा उप चुनाव के लिए कांग्रेस ने सुनील जाखड़ को उम्मीदवार घोषित किया है। पिछले काफी दिनों से कांग्रेस के उम्मीदवार को लेकर चल रही अटकलें खत्म हो गई हैं । अगर सुनील जाखड़ के जीवन व राजनीतिक सफर पर दृष्टि डालें तो वो किसी जान-पहचान के मोहताज नहीं, बल्कि एक बेदाग, ईमानदार व सर्व प्रमाणित चेहरे के तौर पर जाने जाते हैं। सुनील जाखड़ का जन्म 9 फरवरी 1954 को पिता बलराम जाखड़ के ग्रह गांव पंजकोशी (अबोहर) में हुआ। जाखड़ ने 1974 में सरकारी कालेज चंडीगढ़ से बी.ए. और 1977 में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एम.बी.ए. की। 2002 से 2017 तक लगातार तीन बार हलका अबोहर से विधायक रहे, लेकिन 2017 के  विधानसभा चुनावों में हार गए। जाखड़ 2012 से 2017 तक अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार समय विपक्ष के नेता रहे और अब पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान भी हैं। करीब 63 वर्षीय सुनील जाखड़ 7 जनवरी 2017  को उस समय चर्चा में रहे जब उन्होंने अकाली नेता शिव लाल डोडा के भतीजे की चुनाव आयोग को शिकायत की। जाखड़ ने पंजाब कांग्रेस के प्रवक्ता के तौर पर अपनी सेवाएं दीं। अगर सुनील जाखड़ के राजनीतिक परिवारिक सदस्यों की तरफ देखें तो उनके पिता बलराम जाखड़ 1980 से 1984 तक फिरोजपुर से लोकसभा सांसद, फिर 1984 से 1989 तक हलका शिकार से लोकसभा सदस्य और फिर इसी हलके से 1991 से 1996 तक सांसद रहे। बलराम जाखड़ 1980 से 1989 तक लोकसभा स्पीकर रहे और 2004 में कुछ समय गुजरात के गवर्नर, फिर 2004 से 2009 तक मध्य प्रदेश के गवर्नर रहे। बलराम जाखड़ 1991 में केंद्रीय कृषि मंत्री भी बने। सुनील जाखड़ के बड़े भाई सज्जन कुमार जाखड़ भी मंत्री रहे और इसी तरह जाखड़ परिवार ने अपने सियासी सफर से पंजाब व केंद्र में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए लोकसेवा की। अब कांग्रेस पार्टी द्वारा सुनील कुमार जाखड़ को पंजाब प्रधान बनाया गया था और अब काफी विचार के बाद ठोस व योग्य उम्मीदवार को गुरदासपुर उप चुनाव के लिए मैदान में उतारा गया है।