इस वर्ष तेल वैट वसूली में हरियाणा से 2400 करोड़ पीछे रहेगा पंजाब


जालन्धर, 20 सितम्बर (शिव शर्मा): तेल पर ज्यादा वैट होने  व पंजाब में सबसे ज्यादा वाहन होने के बावजूद हर वर्ष की तरह हरियाणा पंजाब से तेल वैट वसूली के मामले में 2400 करोड़ रुपये ज्यादा हासिल करेगा। रोज़ाना तेल का भाव बढ़ने की योजना लागू होने के बाद चाहे तेल के भाव आसमान छूते जा रहे हैं और देशभर में तेल महंगा होने का मुद्दा बन रहा है परंतु पंजाब में तेल पर वैट की दर ज्यादा होने के कारण हरियाणा में किस प्रकार वैट वसूली में वृद्धि हो रही है और यह तेल मंत्रालय के आंकड़े की सच्चाई सामने ला रहे हैं। हरियाणा ने जहां वर्ष 2014-15 में 5112 करोड़, वर्ष 2015-16 में 5976 करोड़, वर्ष 2016-17 में 7000 करोड़ की तेल से वैट वसूली हासिल की है और इस वर्ष की पहली तिमाही में तो उसकी तेल से वैट वसूली 2016 करोड़ रुपये पहुंच गई है जबकि अभी वसूली की संख्या के लिए 9 माह और बकाया है। इसके मुकाबले पंजाब में तेल की वैट वसूली किस प्रकार से नीचे गिरी है, यह आंकड़े बताते हैं जिनमें वर्ष 2014-15 में 4179 करोड़, 4907 करोड़, 5833 करोड़ की वसूली की है जबकि हरियाणा के मुकाबले की तेल वैट वसूली से 600 करोड़ के करीब पीछे हो गया है, जबकि पूरे वर्ष में तो पंजाब हरियाणा से लगभग 2400 करोड़ रुपये पीछे रहने की सम्भावना ज़ाहिर की जा रही है। पंजाब पैट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के प्रवक्ता मौंटी गुरमीत सहगल का कहना था कि पैट्रोल पम्प मालिक तो लम्बे समय से राज्य में तेल के ऊपर वैट की दर पड़ोसी राज्यों के मुकाबले करने की मांग करते रहे हैं ताकि न केवल राज्य की सीमा पर मौजूद पैट्रोल पम्पों सहित सभी पैट्रोल पम्प मालिकों को फायदा होगा परंतु हर बार ही विभाग द्वारा सरकार को यही सलाह दी जाती है कि यदि तेल से वैट की दर घटाई गई तो इससे वैट वसूली और गिर जाएगी। पंजाब में तो हरियाणा के मुकाबले ट्रकों की संख्या दुगनी है परंतु वह ट्रक मालिक पंजाब की जगह हरियाणा में सस्ता तेल व कारें सस्ता पैट्रोल डलवाने को ज्यादा पहल देती हैं।