चेतेश्वर पुजारा  भारतीय टैस्ट टीम की रीढ़ की हड्डी


चेतेश्वर अरविंद पुजारा जब पहली बार पूजा से मिले तो पूजा को यह नहीं मालूम था कि वह कौन हैं ?  हालांकि वह तब तक भारत के लिए कुछ टैस्ट खेल चुके थे। जिस देश में क्रिकेट धर्म है उसमें पूजा जैसी लड़कियों का होना आश्चर्यजनक है, खासकर इसलिए भी कि पूजा की माँ क्रिकेट की दीवानी हैं और उन्होंने टीवी पर पुजारा को खेलते हुए देखा था और इसलिए तुरंत पहचान भी लिया था द्य लेकिन इससे भी आश्चर्यजनक यह है कि पुजारा से विवाह होने के बाद अब पूजा क्रिकेट की बारीकियों का कोश बन गई हैं और वह भी मात्र चार वर्ष के भीतर।
 पुजारा के अनुसार, ‘अब हाल यह है कि जब हम यात्रा भी कर रहे होते हैं तो पूजा अपने मोबाइल पर कमेंटरी सुन रही होती है । आजकल वह मेरे पिता (अरविंदलाल पुजारा जो रणजी ट्राफी खिलाड़ी रह चुके हैं) से खेल की तकनीकी बारीकियों पर चर्चा करती हैं और कभी- कभी तो अपने अवलोकन से मुझे भी आश्चर्य में डाल देती है। एक बार मेरे आउट होने पर वह बहुत उदास थी, शाम को उसने  मुझसे मालूम किया ‘ऑफ  स्पिनर पर इस तरह कौन आउट होता है?’ बहरहाल, अब जब पुजारा को उनके निरंतर शानदार प्रदर्शन के लिए अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया है तो पूजा बहुत खुश हैं । पुजारा भी इस सम्मान से सातवें आसमान पर हैं, हालांकि वह व्यक्तिगत तौर पर अवार्ड को स्वीकार नहीं कर सके क्योंकि वह इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन उनका कहना है, ‘मैं गर्व महसूस कर रहा हूं और यह पुरस्कार मुझे आने वाले दिनों में अतिरिक्त मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा। मैं अपने अवार्ड को सभी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को समर्पित करना चाहता हूं कि हम चाहे जहां भी खेल रहे हों वह आकर हमारी हौसला अफजाई करते हैं। मुझे यह अवार्ड एक क्रिकेटर के रूप में अपनी लगन व उपलब्धियों के लिए मिला है, इसलिए अपने को बेहतर करने का कोई अवसर मैं खोना नहीं चाहता। काउंटी क्रिकेट खेलने का यही उद्देश्य है, जिसमें खेलकर मुझे बहुत लाभ हुआ है।’ इंग्लैंड में क्रिकेट के अलावा पुजारा और बहुत कुछ करते हैं जो वह राजकोट में नहीं कर पाते द्य चूंकि इस बार उनकी पत्नी पूजा भी उनके साथ हैं, इसलिए वह साथ शॉपिंग पर जाते हैं, रेस्तरां में बाहर खाना खाने जाते हैं और कॉफी शॉप विजिट करते हैं। वह बताते हैं, ‘यह (इंग्लैंड) लांग ड्राइव के लिए बहुत अच्छी जगह है और हम दोनों को लांग वाक पर जाना पसंद है । यहाँ का नज़ारा वास्तव में बहुत दिलकश है।’
हाल ही में श्रीलंका में संपन्न हुई टैस्ट श्रृंखला में पुजारा का प्रदर्शन अच्छा रहा था। उन्होंने अपने 50 वें टैस्ट में शतक लगाया और शिखर धवन के बाद सबसे ज्यादा रन बनाये। इसके बावजूद वह आंकड़ों को अधिक महत्व नहीं देते हैं, उनके अनुसार, ‘एक मुख्य कीर्तिमान स्थापित करना अच्छा लगता है और इसे अधिक विशेष बना दिया इस तथ्य ने कि हमारी टीम ने जीत हासिल की मुझे इस बात की खुशी है कि मैं इस टीम का हिस्सा हूं जो निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। अब कुछ कठिन टूर (दक्षिण अफ्रीका व इंग्लैंड) आने वाले हैं और मुझे विश्वास है कि हम वहां भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। पुजारा ने अब तक 50 टैस्ट मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 53.87 की औसत से 4094 रन बनाये हैं। उन्होंने टैस्ट में 13 शतक व 15 अर्द्धशतक लगाये हैं। उनका उच्चतम स्कोर 206 नाबाद है, जो उन्होंने अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ  बनाये थे। पुजारा ने इस दौरे में 5 एक दिवसीय मैच भी खेले हैं, जिनमें उनका कोई खास अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा है। मात्र 51 रन 10.27 की औसत से और 27 रन उच्चतम स्कोर है। इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि अक्तूबर 2010 में अपना पहला टैस्ट बेंगलुरु में खेलने वाले पुजारा मूलत: टैस्ट बल्लेबाज़ हैं और राहुल द्रविड़ के बाद भारतीय टैस्ट टीम की रीढ़ की हड्डी हैं । ध्यान रहे कि श्रीलंका के दौरे पर पुजारा के व्यक्तित्व का एक और पहलू सामने आया, उन्होंने अपने साथी खिलाड़ियों के.एल राहुल व हार्दिक पांडे के इंटरव्यू लिए जो काफी पसंद किये गये। तो क्या उनकी भविष्य में प्रजेंटर बनने की योजना नहीं है। पुजारा लम्बी पारी खेलने के लिए विख्यात हैं। रांची में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ  उन्होंने एक पारी में 500 से अधिक गेंद खेलीं और ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय बल्लेबाज़ बने। जब वह खेल रहे थे तो एक ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी ने उनसे कहा, ‘पुजारा, अगर तुम अब आऊट नहीं हुए तो हमें फील्ड से बाहर जाने के लिए व्हीलचेयर की ज़रुरत पड़ेगी?’
यह एक बड़ा कॉम्प्लीमेंट है, जब विपक्षी खिलाड़ी ऐसा कहता है। 
 -इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर