सेम के मारे किसानों के लिए वरदान बनी झींगा मछली 


अबोहर, 29 सितम्बर (सुखजिन्द्र सिंह ढिल्लों) :  सेम  ने मालवे की किसानी को तबाह करके रख दिया था। सेम के कारण हजारों एकड़ रकबा खाली पड़ा है। यहां कुछ नहीं होता था। लेकिन अब सेम वाली जमीन सोना पैदा करने लगी है। झींगा मछली सेम वाले खारे पानी में ही होती है और यह मछली सेम के मारे किसानों के लिए वरदान बनने लगी है। पंजाब सरकार द्वारा इस संबंधी चलाया प्रोजैक्ट सफलता पूर्वक सम्पूर्ण हो रहा है। पंजाब सरकार अब झींगा मछली पालन को ज्यादा उत्साहित करने जा रही है। जानकारी अनुसार वर्ष 2016 में पंजाब सरकार ने प्रदेश के मालवा क्षेत्र के सेम के मारे 6 जिलों का चयन मछली पालन के कार्य के लिए किया था। यहां झींगा मछली पालन का पायलट प्रोजैक्ट ट्रायल के रूप से शुरू किया था जो सफल रहा। इस बार फिर सरकार ने 6 जिलों में झींगा मछली पालन का प्रोजैक्ट आरम्भ किया है। प्रदेश के 6 जिलों में से 2 जिलों श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का में 37 एकड़ रकबे में झींगा मछली पालन का प्रोजैक्ट किसानों ने लगाया। अढ़ाई एकड़ का प्रोजैक्ट 25 लाख 67 हजार रूपये का था। जिस में छप्पड़ खुदाई पर 90 प्रतिशत सब्सिडी थी और बाकी सीड, फीड और अन्य पर 50 प्रतिशत सब्सिडी सरकार ने दी । बेशक यह प्रोजैक्ट बड़ी इन्वैस्टमैंट पर बड़े रिसक वाला था। लेकिन सफल हुआ। 4 महीनों की एक फसल होती है। वर्ष में दो फसलें मौसम के अनुकूल होने के कारण हासिल की जा सकती है। एक एकड़ रकबे में से 4 टन  मच्छी निकलती है। इस का भाव 360 रूपये प्रति किलो मिला। यह मच्छी यहां से बाहर निर्यात होती है। पहले यहां इस झींगा मछली के पालन के लिए सिखलाई रोहतक हरियाणा से करनी पड़ती है और पानी के टैस्ट भी वहां ही होते हैं। अब पंजाब सरकार द्वारा मलोट के नजदीक ईनाखेड़ा में 15 एकड़ में हाईटैक लैबार्टरी और सिखलाई केन्द्र बनाया जा रहा है। यहां झींगा मछली पालन की सिखलाई दी जाया करेगी। इस बाबत डायरेक्टर मदन मोहन ने कहा कि एक बार यह प्रदेश के 37 एकड़ रकबे में शुरू की गई थी । आगमी वर्ष यह क्षेत्र बढ़ाया जायेगा और विभाग ज्यादा उपाय करेगा। उन्होंनें कहा कि 1 एकड़ में अगर 2 फसलें हासिल की जाये तो झींगा मछली द्वारा लगभग 30 लाख रूपये की कमाई की जा सकती है। उन्होंनें बताया कि झींगा मछली 5 तारा होटलों और विदेशों में सप्लाई होती है। निर्यात करने वाली एजैंसी किसान के खेत में से ही माल उठा कर ले जाती है। इस की मांग बहुत ज्यादा है। उन्होंनेें खुशी प्रकट करते हुए कहा कि झींगा मछली का कारोबार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। अगर सरकार ने गम्भीरता से कार्य किया और किसानों  ने भी रुचि से यह कार्य करने शुरू कर दिए तो वह दिन दूर नहीं, जब किसान आर्थिक रूप से मजबूत होकर सामने आयेगें।