आतंकवाद के लिए ऑक्सीजन का काम करते हैं जाली नोट : राजनाथ


 


नई दिल्ली, 10 अक्तूबर (वार्ता, भाषा) : केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि राष्ट्रीय जांच एजैंसी (एनआईए) ने आतंकवादी गतिविधियों के लिए सीमा पार से होने वाली फंडिंग और जाली मुद्रा पर लगभग पूरी तरह नकेल कस दी है जिससे आतंकवादियों के होसले पस्त हो गये हैं।  उन्होंने कहा कि जाली नोट आतंकवाद के लिए ऑक्सीजन के रूप में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी देश अपनी सरजमीं से आतंकवाद को फलने-फूलने देना स्वीकार नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद एक अभिशाप है और कोई भी सभ्य देश इसे स्वीकार नहीं कर सकता। राजनाथ ने कहा, जाली मुद्रा आतंकवाद को बढ़ाने में सहयोग करती है। श्री सिंह ने यहां एनआईए के नये मुख्यालय के उद्घाटन मौके पर कहा कि इस एजैंसी ने 8 साल के छोटे से समय में ही निष्पक्ष जांच से लोगों के बीच अपनी विश्वसनीयता और साख बनाई है। इसकी विश्वसनीयता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके द्वारा जांचे गये 95 प्रतिशत मामलों में आरोपी दोषी साबित हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच एजेन्सी इसी तरह पेशेवर ढंग से काम करते हुए विश्वसनीयता बनाए रखेगी तथा इसकी साख और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आतंकी फंडिंग में जाली मुद्रा का विशेष महत्व है और एन.आई.ए. ने सीमा पार से जाली मुद्रा की तस्करी पर रोक लगाने में काफी हद तक सफलता हासिल की है। इससे आतंकी फंडिंग की कमर टूट गई है तथा आतंकवादियों के होसले पस्त हो गये हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जांच एजैंसी काम कर रही है उससे सीमा पार से आने वाले धन के स्रोतों पर जल्द ही पूरी तरह नकेल कस जाएगी। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र जय शाह पर कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए आज कहा कि इस तरह के आरोप पहले भी लगाये गये हैं और इनकी जांच की ज़रूरत नहीं है। जय शाह की कम्पनी के सवालों के घेरे में आने के बाद भाजपा के कई नेताओं ने उनका बचाव किया है और इसी कड़ी में राजनाथ सिंह ने भी आज उनका बचाव किया। जब पत्रकारों ने उनसे भाजपा अध्यक्ष के पुत्र पर आरोपों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘ये बेबुनियाद आरोप हैं। इस तरह के आरोप पहले भी लगते रहे हैं इनकी जांच की ज़रूरत नहीं है। इन आरोपों को भाजपा ने भी झूठे और पार्टी नेतृत्व को बदनाम करने वाले बताते हुए कहा है कि श्री जय शाह निजी हैसियत वाले व्यक्ति हैं और उनके कारोबार का किसी भी सरकारी एजैंसी से कोई लेन-देन नहीं है। उनका काम पूरी तरह से पारदर्शी एवं विधिसम्मत है। वह आर्थिक लेन-देन पारदर्शी रखने के साथ पूरा कर चुकाते रहे हैं।