जत्थेदारों के समर्थकों व शिरोमणि कमेटी टास्क फोर्स के बीच झड़प


अमृतसर, 12 अक्तूबर (राजेश कुमार) : आज दोपहर श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में उस समय भारी दहशत फैल गई जब सरबत खालसा द्वारा चयनित जत्थेदारों के समर्थकों और शिरोमणि कमेटी टास्क फोर्स के बीच मामूली तकरार ने हिसंक रूप धारण कर लिया। इस दौरान करीब 5 व्यक्ति जख्मी हो गये। गौरतलब है कि गत 11 अगस्त 2017 को सरबत खालसा के जत्थेदारों की हुई बैठक में बूटा सिंह को पंथ से निष्कासित करने के साथ ही गुरुद्वारा घल्लुघारा काहनूवाल के प्रधान मास्टर जौहर सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब में तलब करने के आदेश दिए थे जिसके बाद आज दोपहर जब मास्टर जौहर सिंह श्री अकाल तख्त साहिब में कड़ाह प्रसाद की भेंट चढ़ाने के उपरांत कीर्त्तन श्रवण करने के लिए बैठे तो तभी शिरोमणि कमेटी के अधिकारी व टास्क फोर्स के जवानों ने वहां पहुंचकर मास्टर जौहर सिंह को वहां बैठने से मना करते हुए बाहर जाने के लिए बोला लेकिन विरोध करने पर टास्क फोर्स के जवान मास्टर जौहर सिंह को जब्री पकड़कर श्री हरिमंदिर साहिब के बाहर जोड़ा घर के पास ले गये। इस दौरान वहां मौजूद सरबत खालसा द्वारा चयनित जत्थेदारों के समर्थकों सतनाम सिंह मनावां, जरनैल सिंह सखीरा आदि ने टास्क फोर्स की इस कार्यवाही का जमकर विरोध किया। इस दौरान समर्थकों व कमेटी की टास्क फोर्स के मध्य मामूली तकरार भी हुआ लेकिन इस तकरार ने धीरे-धीरे हिंसक रूप धारण कर लिया। इस झड़प में सतनाम सिंह मनावां के हाथ की अंगूली में तलवार के वार से गंभीर चोट भी लगी। घटना स्थल पर मौजूद पुलिस ने बीचबचाव करते हुए दोनो पक्षों को शांत किया। इसके कुछ समय बाद जब सरबत खालसा द्वारा चयनित जत्थेदारों में भाई अमरीक सिंह अजनाला जत्थेदार श्री केसगढ़ साहिब श्री आनंदपुर साहिब, बलजीत सिंह दादूवाल जत्थेदार तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो, भाई ध्यान सिंह मंड कार्यकारी जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर,  भाई मेजर सिंह, भाई सूबा सिंह गलियारा में बैठकर मास्टर जौहर ंिसंह को सजा सुना रहे थे तो वहां तभी कमेटी के एक सेवादार के आ जाने से माहौल गर्म हो गया। लेकिन पुलिस ने एक बार फिर दोनों पक्षों को शांत करते हुए अलग किया। इस संबंधी शिरोमणि कमेटी के सचिव डा. रूप सिंह ने कोई भी ऐसी घटना होने से साफ इंकार किया। वहीं दूसरी तरफ श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर सुलखन सिंह ने कहा कि टास्क फोर्स द्वारा किसी को भी जब्री उठाकर श्री हरिमंदिर साहिब के बाहर नहीं किया गया है।