मुनीष वर्मा हत्याकांड की दोबारा जांच हो 


जालन्धर, 12 अक्तूबर (अ. स.) : बीते दिन सुच्चा सिंह लंगाह के मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगने के बावजूद धारीवाल शहर के नहर किनारे रहते मोहम्मद रफी उर्फ सिपाहिया गुज्जर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। वर्ष 2008 में एक बच्चे के अगवा होने व फिर मारे जाने के मामले संबंधी धारीवाल वासी विजय कुमार पुत्र दर्शन कुमार ने एस.एस.पी. गुरदासपुर को लिखित तौर पर शिकायत देकर इंसाफ की गुहार लगाई है। धारीवाल के वार्ड नंबर 4 मोहल्ला गोपाल नगर वासी विजय कुमार ने आरोप लगाया कि उसके बच्चे मुनीष वर्मा को 2008 में मोहम्मद रफी उर्फ सिपाहिया गुज्जर पुत्र जमालद्दीन वासी अपरबारी दोआब धारीवाल ने अगवा करके उसकी बलि दे दी थी। उन्होंने बताया कि गुज्जर सिपाहिया ने मेरे पुत्र मुनीष वर्मा की बलि देकर उसकी लाश को धारीवाल नहर में फेंक दिया था। उस समय अकाली-भाजपा सरकार में सिपाहिया गुज्जर की राजनीतिक पहुंच कारण उनकी सुनवाई नहीं हुई थी, जिस कारण अब मुनीष वर्मा हत्याकांड को दोबारा खोलकर जांच करने की मांग करते हुए एस.एस.पी. गुरदासपुर से इंसाफ की गुहार लगाई गई है। बतातें चलें कि बच्चे के माता-पिता अनुसार उस समय मुनीष की आयु लगभग 7 वर्ष थी और वो घर के बाहर बनी पार्क में साईकल चलाते समय ही गुम हो गया। उसकी शाम तक तलाश की गई, लेकिन वो नहीं मिला। जब उन्होंने पुलिस थाना धारीवाल को सूचना दी तो उन्होंने कोई बात नहीं सुनी। बच्चे के माता-पिता अनुसार उस दिन वीरवार था और अगले दिन शुक्रवार को गोताखोरों ने धारीवाल नहर में उसकी तलाश की, लेकिन बच्चा नहीं मिला। अगले दिन शनिवार करीब साढे चार बजे लोगों में यह चर्चा छिड़ी कि बच्चा नहर में तैर रहा है। जब उसके माता-पिता ने लोगों की मदद से बच्चे को बाहर निकाला तो उसके सभी कपड़े गीले नहीं थे और उसका शरीर भी गर्म था। पोस्टमार्टम में उसकी मौत 72 घंटे पहले होने बारे कहा गया, परंतु माता-पिता के अनुसार बच्चे का शरीर गर्म था और उसके शरीर पर सिगरेट के निशान व करंट लगाए जाने के भी निशान थे। बच्चे की मां का कहना है कि नहर किनारे गुज्जर भाईचारे के लोगों के डेरे थे और उस में सिपाहिया गुज्जर अपने परिवार समेत रहता था, जिसको राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। यहां यह भी बताना जरूरी है कि उस समय गुरदासपुर के एस.एस.पी. लोकनाथ आंगरा थे, उनके द्वारा गरीब डेढ महीने बाद गुज्जर मुहम्मद रफी उर्फ सिपाहिया तथा उसके पारिवारिक सदस्यों के ब्यान कलमबद्ध किए गए। इस संबंधी सिपाहिया गुज्जर से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उसका मोबाइल बंद था।
 विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार जब से सुच्चा सिंह लंगाह का मामला शुरु हुआ है, उस दिन से ही गुज्जर सिपाहिया गायब है। इस संबंधी डी.एस.पी आर 1 मनजीत सिंह ने कहा कि वो लोकसभा उप चुनाव में व्यस्त थे, परंतु अब मामले की बारीकी से जांच की जाएगी।