पाक में टमाटर 300 रुपए किलो


अमृतसर, 12 अक्तूबर (सुरिन्द्र कोछड़): पाकिस्तान सरकार द्वारा लागू किये प्लांट कुआरंटीन एक्ट के आधार पर पेरिशेबल वस्तुओं की आयात का परमिट देने पर लगाई रोक के परिणाम पाकिस्तान को अब टमाटरों की बढ़ी बेतहाशा कीमतों के रूप में झेलने पड़ रहे हैं। पाक कस्टम विभाग द्वारा उपरोक्त एक्ट को आधार बना कर पिछले दिनों भारत द्वारा भेजे गए टमाटरों से भरे ट्रक वापस भेज दिये गए थे, जिसके साथ टमाटर खराब होने पर भारतीय व्यापारियों को बड़ा नुक्सान पहुंचा था। उधर अब पाकिस्तान के प्रदेश सिंध के ठट्टा व खैबर पखतूनखवा के दरगई में टमाटर की फसल के पूरी तरह से खराब हो जाने कारण पाक की मंडियों में टमाटरों की बड़ी किल्लत देखने को मिल रही है व पिछले करीब एक माह से इसकी कीमतों में हुई वृद्धि के चलते टमाटर प्रति किलो 300 रुपए तक पहुंच चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पाकिस्तान में सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली सब्ज़ियों में टमाटर प्रमुख हैं व एक अनुमान अनुसार पाक में रोज़ाना 2 हज़ार टन टमाटर की खपत होती है। पाकिस्तान को मौजूदा समय टमाटर अफगानिस्तान सीमा से मंगवाना पड़ रहा है। अफगानिस्तान से पाक को प्रतिदिन करीब 10 ट्रक टमाटर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, जबकि पाक में टमाटरों की प्रतिदिन खपत 40 से 50 ट्रक है। टमाटरों की किल्लत के चलते पाक को अफगानिस्तान से 12 किलो वाली टमाटर की प्रति पेटी 1300 रुपए से 1600 रुपए तक मिल रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों पर पाक कस्टम विभाग द्वारा प्लांट कुआरंटीन एक्ट-1976 के आधार पर भारत द्वारा भेजी जाने वाली पेरिशेबल वस्तुओं, जिनमें हरी सब्ज़ियां, आलू, प्याज़, टमाटर, लसन, बीज व सोयाबीन आदि शामिल हैं, में कीड़े होने का कारण बताते उनकी आयात के लिए स्वीकृति सर्टीफिकेट जारी करने से इन्कार किया जा रहा है।