क्रिसमस पर पोप का शरणार्थियों की दशा को नज़रअंदाज नहीं करने का आग्रह


वैटिकन सिटी, 25 (एजैंसी) : पोप फ्रांसिस ने क्रिसमस की पूर्व संध्या पर दुनिया की 1.30 अरब कैथौलिक आबादी से शरणार्थियों की दर्दुशा नजरअंदाज नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा कि खून-खराबा पसंद करने वाले नेताओं की वजह कर उन्हें अपनी सरजमीन छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। पोप ने सेंट पीटर्स बैसिलिका में श्रद्धालुओं से कहा कि जोसेफ और मेरी के कदमों के नीचे कई लोगों के कदमों के निशान छुपे हैं। वह खुद इतालवी प्रवासी के पोते है। उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं कि लाखों लोग अपने प्रियजन और अपनी धरती छोड़ कर खुद से दूर नहीं गए बल्कि उन्हें वहां से भगाया गया।  81 साल के पोप ने क्रिसमस के मौके पर कहा कि कई सारे मौजूदा शरणार्थी संकट में घिरे हुए हैं जिन्हें उनके नेताओं की वजह से भागना पड़ा जो अपनी सत्ता स्थापित करना चाहते हैं और अपनी संपत्ति में इजाफा करना चाहते हैं। उन्हें मासूमों का खून बाहने से भी गुरेज नहीं है। पोप ने  उम्मीद  का आग्रह ऐसे समय में किया है जब यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने के अमेरिका के कदम से पश्चिमी तट में तनाव बना हुआ है।