आई.सी.एस.ई. के विद्यार्थियों को इस वर्ष से ही मिलेगी बड़ी राहत


वरसोला, 12 जनवरी (वरिन्दर सहोता) : आई.सी.एस.ई. बोर्ड नई दिल्ली (कौंसिल फार दा इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट अगजैमीनेशन) ने 27 नवम्बर 2017 को मनिस्टरी आफ ह्यूमन रिसोर्स के दिशा निर्देशों पर एक अहम फैसला करते हुए अपने पास अंकों में तबदील करते हुए बोर्ड के साथ जुड़े देश भर के स्कूलों के विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी थी। इस किये गए फैसले के अंतर्गत इस बोर्ड से 9वीं और 10वीं के पास करने वाले विद्यार्थियों को पहले रखे 35 प्रतिशत अंकों की बजाये 33 प्रतिशत और बोर्ड से 11वीं और 12वीं के पास करने वाले विद्यार्थियों के लिए 40 प्रतिशत की बजाये 35 प्रतिशत अंक प्राप्त करने जरुरी किये गए थे। बोर्ड ने यह फ़ैसला करते हुए ऐलान किया था कि संशोधित किये गए अंकों का यह फ़ैसला साल-2019 से लागू किया जायेगा, परन्तु अब फिर बोर्ड ने यह फैसला इसी साल-2018 से लागू करने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ बोर्ड के साथ संबंधित स्कूलों में पढ़ते विद्यार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस सम्बन्ध में बोर्ड के सैक्रेटरी गैरी आड़ाथून ने बोर्ड के साथ जुड़े समूह स्कूलों के मुखियों को एक पत्र जारी करते हुए बोर्ड के इस अहम फ़ैसले बारे जानकारी दी है। सैक्रेटरी अनुसार पिछले दिनों मनिस्टरी आफ ह्यूमन रिसोर्स की तरफ से देश के अलग-अलग शिक्षा बोर्डों के साथ एक विशेष मीटिंग रखी गई थी। इस मीटिंग दौरान अलग-अलग बोर्डों के प्रतिनिधियों पर आधारित एक इंटर-बोर्ड वर्किंग ग्रुप बनाया गया था। इस ग्रुप की ओर से अलग-अलग देश के बोर्डों की ओर से ली जातीं परीक्षाओं के साथ संबंधित कई पक्षों पर विचार चर्चा की गई। इस ग्रुप की ओर से इस बात पर सहमति बनाई गई कि देश के सभी बोर्डों से कक्षों के पास करने के लिए एक ही जैसी शर्ते और नियम होने चाहिएं। इस के अनुसार बोर्ड की तरफ से उक्त फ़ैसला किया गया है। दूसरे ओर बोर्ड की ओर से किये गए इस फ़ैसले के साथ इस बोर्ड के साथ संबंधित अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई है क्योंकि इस बोर्ड की परीक्षाएं बहुत ही सख्त होती हैं। यही कारण है कि इस बोर्ड से 11वीं और 12वीं के पास करने के लिए विशेष कर  पंजाब में बहुत ही कम विद्यार्थी संबंधित स्कूलों में दाख़िला लेते हैं, परन्तु बोर्ड की ओर से किये गए इस महत्वपूर्ण फ़ैसले के साथ यह दाखिला भी बढ़ने की आशा है।