लश्कर के दोनों आतंकी ढेर, श्रीनगर में मुठभेड़ समाप्त



श्रीनगर/जम्मू, 13 फरवरी (भाषा, रवि शर्मा, वार्ता) : सीआरपीएफ के एक शिविर पर हमला करने की आतंकवादियों की कोशिश नाकाम होने के बाद सुरक्षा बलों और लश्कर के दो आतंकियों के बीच पिछले 32 घंटे से चल रही मुठभेड़ दोनों आतंकियों के ढेर होने के बाद आज समाप्त हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। शहर के बीचोंबीच स्थित करन नगर में एक निर्माणाधीन इमारत में छिपे आतंकियों को निकालने के लिए जम्मू-कश्मीर के विशेष अभियान समूह और केन्द्रीय आरक्षी पुलिस बल ने मोर्चा सम्भाला। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना ने इस अभियान में हिस्सा नहीं लिया। कश्मीर के पुलिस महा निरीक्षक एस.पी. पाणि ने बताया कि जिन आतंकवादियों ने गत प्रात: करन नगर इलाके में सीआरपीएफ के शिविर पर हमला करने का प्रयास किया था, वह लश्कर-ए-तैयबा आतंकी गिरोह से जुड़े थे। उन्होंने सीआरपीएफ अधिकारियों के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मुठभेड़ की जगह से हमें जो सामान मिला है, उसे देखकर लगता है कि आतंकी लश्कर से जुड़े थे, लेकिन आतंकवादियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है और हम शिनाख्त करने की कोशिश कर रहे हैं। पाणि ने कहा कि यह आतंकियों के सफाए का अभियान था और यह इतना लंबा इसलिए चला क्योंकि जिस इमारत में आतंकी छिपे हुए थे वह एक पांच मंजिला ढांचा था। सतर्क सुरक्षा बलों ने हमलावर आतंकवादियों को देखते ही उन पर तत्काल गोलियां चला दीं और सीआरपीएफ शिविर पर हमला करने की उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया, जिसके बाद वह करन नगर इलाके की इस निर्माणाधीन इमारत में घुस गए। आतंकवादियों के साथ कल हुई शुरुआती गोलीबारी में सीआरपीएफ के एक जवान की मौत हो गई और एक पुलिसकर्मी घायल हुआ। रातभर की खामोशी के बाद आज सवेरे यह अभियान फिर से शुरू हुआ। सीआरपीएफ के महानिरीक्षक के अनुसार सुरक्षा बलों ने इलाके की व्यापक पड़ताल की और अभियान शुरू करने से पहले रणनीति बनाई। उन्होंने कहा, ‘‘हमने सीआरपीएफ कर्मियों के पांच परिवारों और कुछ नागरिकों को बचाया और इमारत से सबको बाहर निकाल लेने के बाद आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू किया गया।’’ उन्होंने उस सजग संतरी की सराहना की जिसने आतंकवादियों के इस फिदायीन हमले को नाकाम किया। यह पूछे जाने पर कि क्या इमारत में और आतंकी छिपे हो सकते हैं उन्होंने कहा कि संतरी ने सिर्फ दो ही आतंकवादियों को देखा था। ‘‘संतरी ने शानदार काम किया है और घटना का शोर शराबा थम जाने पर हम उसे ज़रूर सम्मानित करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या शहर में और आतंकियों के होने खबर है या और हमले होने की आशंका है, सीआरपीएफ अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा कर्मी सतर्क हैं।
वहीं जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सुंजवां सैन्य शिविर पर हुए आतंकवादी हमले में शहीद छह सैनिकों में से चार सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए आज आयोजित हुए कार्यक्रम में हिस्सा लिया।  एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू हवाई अड्डे पर महबूबा ने मंत्रिमंडल के सदस्यों और वरिष्ठ सैन्य व पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर शहीदों के पार्थिव शरीर पर फूलों की माला चढ़ाई। जैश-ए-मोहम्मद संगठन के कुछ आतंकवादियों ने शनिवार को यहां सुंजवां स्थित सेना के शिविर के भीतर एक आवासीय क्वार्टर पर हमला कर दिया था। इस हमले में छह सैनिकों समेत सात लोग मारे गए थे और 10 अन्य घायल हो गए थे।
जम्मू के सुंजवान सैन्य स्टेशन पर शनिवार सुबह हुए फिदायीन हमले में एक और जवान का शव बरामद होने के बाद शहीद सैनिकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। उस हमले में एक नागरिक की मौत हो गई थी और दस लोग घायल हुए थे। रक्षा प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि एक और जवान का शव बरामद  किया गया और उस फिदायीन हमले में शहीद जवानों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। हमले के बाद सैन्य स्टेशन में खोज और साफ सफाई अभियान चलाया जा रहा है और कल शाम इसी दौरान यह शव बरामद हुआ। जवान की पहचान हवलदार राकेश चंद्रा के तौर पर की गई है जो छह महार रेजीमेंट में था और उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल ज़िले की तहसील पौढ़ी के गांव सांकर का निवासी था। प्रवक्ता ने बताया कि इस हमले में एक जूनियर कमीशंड अधिकारी सहित 6 जवान शहीद हुए हैं।