विश्व के सबसे लम्बे 98 वर्षीय विवाहित जीवन का अंत हुआ


बठिंडा छावनी, 5 मार्च (परविंदर सिंह जौड़ा): विश्व के सबसे लम्बे 98 वर्षीय विवाहिता जीवन का आखिर में अंत हो गया। बापू भगवान सिंह का 118 वर्ष 64 दिन की आयु में निधन हो गया। बापू की जीवन साथी माता धन कौर 122 वर्षीय अभी भी स्वस्थ हैं। अपने गांव गोबिन्दपुरा में बापू भगवान सिंहन े आज अंतिम सांस लिया। बापू के परिवार में 150 के करीब सदस्य हैं।  बापू के आधार कार्ड के मुताबिक उसका जन्म 1 जनवरी, 1900 को हुआ था। परिवार वालों के अनुसार 20 वर्ष की आयु में बापू भगवान सिंह का विवाह हुआ था। बापू की पत्नी धन कौर उससे 4 वर्ष बड़ी हैं। बापू की 5 बेटियां और एक पुत्र है। बड़ी बेटी गुरनाम कौर की आयु 91 वर्ष है। स्वास्थ्य के तौर पर बापू अब तक बिल्कुल स्वस्थ थे। उनकी स्मरण शक्ति और निगाहें भी ठीक थीं। आधार कार्ड के बगैर बापू और माता के पास अपने जन्म या विवाह संबंधी कोई भी अधिकारित दस्तावेज़ नहीं थे, जिस कारण उनका नाम विश्व रिकार्ड में दर्ज होने से वंचित रह गया। वैसे 98 वर्षीय विवाहिता जीवन अपने-आप में वैश्विक रिकार्ड है। इससे पूर्व अधिकारित तौर पर विवाहिता जीवन का विश्व रिकार्ड इंग्लैंड वासी पंजाबी मूल के जोड़े कर्म चंद (110) और करतारी देवी (103) के नाम थे। उन्होंने 2015 में अपने विवाह की 90वीं वर्षगांठ मनाई थी। इसके उपरांत कर्म चंद की मौत हो गई थी। दस्तावेज़ी तथ्यों के आधार पर दुनिया में सबसे लम्बी आयु का रिकार्ड फ्रैंच महिला जेनी लूईस कालमैंट के नाम है। 
उसने 1875 से लेकर 1997 तक कुल 122 वर्ष और 164 दिन तक जिंदगी व्यतीत की। बापू भगवान सिंह के पौत्र नच्छतर सिंह, पड़पौत्र पूर्ण सिंह और समाजसेवी नमतेज सिंह औलख ने बताया कि बापू भगवान सिंह और माता धन कौर ने कुछ दिन पहले ही इकट्ठे ‘पैदा होने-मरने’ की शपथ ली थी, जिसमें उन्होंने अपने जीते जी मरने की रस्में स्वयं निभाईं थीं और इस अवसर पर बापू का पूरा ‘परिवार’ एकत्र हुआ था।