ब्यास दरिया में मिले ज़हरीले रसायन द्वारा लाखों जीव व मछलियों की मौत


हरिके पत्तन, गोइंदवाल साहिब, ब्यास 17 मई (रितू कुन्द्रा, गुरप्रीत सिंह): सतलुज दरिया पहले ही जहरीले पानी के कारण अन्य बार जीवो की बलि ले चुका है वहीं ब्यास दरिया का साफ पानी भी जहरीले रसायण कारण प्रदूषित हो गया है और प्रदूषित पानी ने लाखों जीवों व मछलियों को मौत के घाट उतार दिया है। आज जेसे ही जंगली जीव व वन विभाग को इस घटना का पता चला तो अधिकारियों में हडकंप मच गया। जंगली जीव व वन विभाग हरिके के डी.एफ.ओ चरनजीत सिंह को जब आज सुबह 8 बजे के लगभग इसका पता चला तो तुरन्त विभाग की टीम के साथ लेकर वह ब्यास दरिया की तरफ रवाना हुए। डी.एफ.ओ चरनजीत सिंह ने बताया कि इस कारण बहुत बडी संख्या में जलचर जीव व मछलियों का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि श्री हरगोबिंदपुर के नजदीक पड़ते गांव कीड़ी अफगाना स्थित चीनी मिल का अंडर ग्राऊंड पाईप ज्यादा गर्मी के कारण फट गया जिस कारण चीनी मिल के सीरे का रसाव ब्यास दरिया में मिल गया और आज सुबह तक इस प्रदूषित पानी ने लगभग 100 किलोमीटर तक गोइंदवाल साहिब से आगे तक मार कर दी और बड़ी संख्यां में जीवों व मछलियों इसकी चपेट में आ गई है। इस संबंधी ब्यास दरिया के किनारे पड़ते विभिन्न गांवों में लोग मरी पड़ी मछलियों जो पानी के ऊपर आ गई थी को पकड़ कर बोरियां भर कर लेकर जा रहे थे। समाचार लिखे जाने तक यह रसायण युक्त पानी लगातार आगे बढ़ कर जीवों का नुकसान कर रहा था और देर सायं तक यह हरिके झील में पहुंच जाएगा, जिस कारण झील में रहते जीवों लिए बड़ा खतरा बनेगा। डी.एफ.ओ चरनजीत सिंह ने लोगों को अपील की कि प्रदूषित पानी कारण मरी यह मछलियां लोग ना खाए क्योंकि  यह स्वास्थ्य लिए नुकसानदेह है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में इस प्रदूषित पानी की मार ब्यास दरिया में रहेगी और लोग कुछ दिन इस दरिया की मछलियों खाने से परहेज करे। उन्होंने बताया कि इस संबंधी थाना ब्यास में शिकायत दर्ज करवा दी गई है। इस संबंधी डब्लयू. डब्लयू,एफ की सीनियर प्रोजैक्ट अकिरी मैडम गीतांजलि कंवर से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में है लेकिन प्रदूषित पानी कारण हुए नुक्सान बारे उनको पता लगा है और हमारी टीम ब्सास दरिया में पूरी नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रदूषित पानी कारण डालफिन को भी खतरा पैदा हो गया है कयोंकि डालफिन ब्यास दरिया के गगड़ेवाल क्षेत्र के नजदीक पाई जाती है। मैडम गीताजलि ने कहा कि किसी भी खतरे को देखते हुए उच्च अधिकारियों से बातचीत करक पौंग डैम से पानी ज्यादा मात्रा में छोडा गया है ता जो इस गंदे पानी की मार कम हो सके।