सोइशिरो होंडा


होंडा मोटर्स के संस्थापक सोइशिरो होंडा थे। अमरीका की बमबारी से वे तबाह हो चुके थे। वे दिवालिया हो चुके थे। उनकी फैक्टरी तबाह हो चुकी थी। लेकिन उन्होंने हमेशा सफल सपने देखे थे। उन्होंने होंडा नाम की कम्पनी स्थापित की। वे कई बार बुरे हालातों से गुज़रे। दूसरी बार भूकम्प आया तो उनके ऑटो पार्ट्स के प्लांट को नष्ट कर दिया। उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने जी.आई. इंजन को अपने साइकिल में लगा लिया। इस प्रकार मोटर-साइकिल अस्तित्व में आया। इस प्रकार की मोटर-बाइक उन्होंने अपने मित्रों को दीं और होंडा मोटरसाइकिल कम्पनी बन गई। पहली बार अपनी पत्नी के गहने बेचकर उन्होंने मोटरसाइकिल के लिए स्पेयर पार्ट्स खरीदे। धीरे-धीरे होंडा कम्पनी एक बड़ी कम्पनी बन गई। होंडा अमरीकन ऑटोमोबाइल हॉल ऑफ फेम में चुने जाने वाले पहले जापानी एग्जीक्यूटिव हैं। होंडा दुनिया के महानत्म इंजीनियरों में से एक थे। कहा जा सकता है ‘मनुष्य परिस्थितियों का दास नहीं, बल्कि उनका स्वामी है।’

-गुरमीत कौर सिद्धू