मुख्यमंत्री  का पैतृक गांव भी बुरी तरह फंसा नशे की चपेट में


बठिंडा/महिराज,  9 जून (डॉ. पवन शर्मा): हिंदी की एक कहावत है ‘दीपक तले अंधेरा’ इसी प्रकार पंजाब के वर्तमान मुख्य मंत्री जो पंजाब शहरों व गांवों से नशा समाप्त करने का बीड़ा उठा चुके हैं। उनका अपना पैतृक गांव महिराज भी बुरी तरह नशे की चपेट में फंसा हुआ है। इस से बड़ी हैरानी की बात यह है, जब से कैप्टन अमरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री पंजाब ने पंजाब की सत्ता संभाली है। उसके बाद से उनकी सरकार में शराब से लेकर डाक्टरी नशे और सफे द तक के नशे का बड़े स्तर  पर  इस्तेमाल किया जा रहा हैं। गांव के कुछ प्रख्यात व्यक्तियों का कहना है कि पहले नशेड़ी नशे लेने जाते थे। परन्तु अब तो नशेड़ियों को घर बैठे ये नशे मिल रहे हैं। गांव में नशे के कारण उजड़े कुछ स्थानों पर सूरज के ढलते ही नशेड़ियों के झुण्ड देखने को मिलते हैं और इन स्थानों पर सीरिंजों, इंजैक्शनों, सिग्रेटों के डिब्बियों, आईडैक्स की खाली शीशियां आदि भारी मात्रा में देखीं जा सकतीं हैं। नशो के कारोबार के साथ जुड़े लोग पहले तो पकड़े ही नहीं जाते और यदि इक्का-दुक्का पकड़ा भी जाता है तो उन पर कोई सख्त कार्रवाई न होने के कारण वे इस धंधे में फिर सक्रि य हो जाते हैं। इस सम्बन्धित बीते धार्मिक सोशल मीडिया और एक वीडियो वायरल हुई थी, जिस में महिराज गांव की नशों सम्बन्धित स्थिति का वर्णन किया गया था। इस सम्बन्धित नगर पंचायत के प्रधान हरिन्द्र महिराज, सीनियर संयुक्त प्रधान गुरचेत सिंह चेती की, जत्थेदार तरसेम सिंह सेमा, निर्मल सिंह गिल, यश पिपली, जत्थेदार जसविन्द्र सिंह, पूर्व ब्लाक समिति के मैंबर बूटा सिंह सिद्धू आदि ने बातचीत करते हुए कहा कि सरकार बदलने के बाद किसी भी पुलिस अधिकारी ने गांव वासियों के साथ बैठक नहीं की और नाममात्र को पुलिस की तरफ  से गश्त की जाती है। यहां तक कि नशो के व्यापारियों और तस्करों में पुलिस का कोई भय ही नहीं है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने मतदान से पहले नशे बंद करने हेतु श्री गुरुग्रंथ साहिब की सौगंध  खाकर नशे को थोड़े ही समय में समाप्त करने का प्रण लिया था। परन्तु नशे तो पहले से कई गुणा बढ़ गए हैं। जिस से शरीफ  लोग बहुत दुखी हैं। गांव वासियों का कहना है कि पुलिस की गश्त शुरू की जाए। इस के साथ ही डाक्टरी नशे, स्मैक, पोस्त आदि और हरियाणा मार्का शराब का धंधा करने वालों को नकेल कसी जाए।