घटनास्थल पर हो रही थी जायज़ माइनिंग


श्री आनंदपुर साहिब, 22 जून (मधु सूदन, दिनेश नड्डा): गत दिवस विधानसभा हल्का रूपनगर के विधायक अमरजीत सिंह संदोआ के साथ हुई मारपीट के बाद बेशक कथित दोषियों के खिलाफ पुलिस की तरफ से मामला दर्ज कर लिया गया था परन्तु आज इस मामले में उस समय पर नया मोड़ आ गया जब माइनिंग विभाग और माल विभाग की तरफ से मौके पर जाकर सीमा रेखा करने के उपरांत साफ किया गया कि घटना वाली जगह पर जायज़ माइनिंग की जा रही थी। माइनिंग विभाग के चार आधिकारियों जिनमें माइनिंग गार्ड साधु सिंह, बी.एल.ई.ओ. श्री आनंदपुर साहिब श्रीमती पूजा, फंकशनल मैनेजर राकेश कांसल अतिरिक्त जनरल मैनेजर-कम-माइनिंग अफसर एस.ए.एस. नगर रूपनगर के हस्ताक्षरों में सौंपी गई रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए एस.डी.एम. राकेश कुमार गर्ग ने बताया कि हरसाबेला नदी में माइनिंग जायज़ तौर पर हो रही थी। जहां तक 21 जून की घटना संबंधी की गई पड़ताल के अंतर्गत मौका देखने के उपरांत यह तथ्य सामने आए कि बेईहारा दट खसरा नंबर 10/7, 8 और 9 आकशन किये नंबर खसरान में हैं। जबकि हरसाबेला के खसरा नंबर 83/2, 3 भी आकशन किए गए नंबर खसरान में आते हैं।  बेंईहारा के खसरा नम्बर 10/7, 8 और 9 लगभग 9 कनाल रकबे में पुरानी निकासी पाई गई और हरसाबेला के आकशन किये गए खसरा नम्बर में से हुई है। जबकि हरसाबेला के खसरा नंबर 83/2 में 98 फुट, 10 फुट, 83/3 में 110 फुट  55 फुट निकासी पाई गई है। यह नंबर खसरा पानी की आमद के कारण निकासी की गहराई को पक्के तौर पर निर्धारित नहीं किया जा सकता। हरसाबेला के खसरा नंबर 83/3 के कुछ क्षेत्रफल में नई निकासी भी पाई गई है। जिसका विवरण लगभग लंबाई 20 फुट है। तैयार की गई रिपोर्ट में यह भी लिखित तौर पर स्पष्ट किया गया है कि मौके पर हुई ताज़ा निकासी, हरसाबेला के आकशन किए गए खसरा नम्बर में ही हुई है। एस.डी.एम. राकेश कुमार गर्ग ने इस रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए बताया कि मैंने यह सारी रिपोर्ट डी.सी. रूपनगर के कार्यालय में भेज दी है। आज सख्त सुरक्षा प्रबंधों में रूपनगर से ‘आप’ विधायक अमरजीत संदोआ के साथ मारपीट करने के दोष में गिरफ्तार हुए तीन कथित दोषियों को नूरपुर बेदी पुलिस की तरफ से श्री आनंदपुर साहिब में माननीय जज गुरप्रीत कौर की अदालत में पेश किया गया। इनमें जसविन्दर सिंह गोल्डी, अमरजीत सिंह और मनजीत सिंह निवासी बेंईहारा को अदालत में पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इन तीनों को अदालत की तरफ से चार दिनों के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है जबकि बचाव पक्ष के वकील परमजीत सिंह ने बताया कि इनके खिलाफ धारा 307, 295 ए, 25-54-59 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस की तरफ से 5 दिन का रिमांड मांगा गया था जबकि बचित्तर सिंह और अजविन्दर सिंह अभी फरार हैं।