किशोर को गिरफ्तारी से पहले पांच दिन का नोटिस दे अपराध शाखा : अदालत


पठानकोट, 6 जुलाई (सुरेन्द्र महाजन) : माननीय ज़िला एवं सत्र न्यायालय ने बहु चर्चित कठुआ दुष्कर्म और मर्डर केस की प्रतिदिन आधार की माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों पर की जा रही सुनवाई पर किशोर, जो की आरोपियों के कथित रूप से जानकार है, की अर्जी पर जम्मू-कश्मीर की अपराध शाखा को यह निर्देश दिए की इसकी गिरफ्तारी से पहले इसको पांच दिन का नोटिस देना होगा। किशोर ने माननीय अदालत में यह अपील दायर की थी कि उसे आशंका है की बार बार पूछताश के लिए बुलाये जाने के बाद पुलिस उसे भी गिरफ्तार कर सकती है। अपराध शाखा का मानना ही की किशोर ने ही आरोपी विशाल को मेरठ में स्कूल प्रिंसीपल से मिलीभुगत करके पेपरों की व्यवस्था की थी। बचाव पक्ष के वकील अनिल कुमार साहनी ने बताया की अभियोग पक्ष ने यह मान लिया है की उर्दू से इंग्लिश में अनुवादित कापियों में गलतियां की है। इस बारे में जब अभियोग पक्ष के जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा नियुक्त वकील एसएस बसरा और जेके चोपड़ा से इस बारे में जानना चाहा तो उन्होंने इसे सिरे नकारते हुए कहा की हमारी तरफ से इंग्लिश अनुवाद के साथ उर्दू की कापियां भी लगाई हुई हैं। जबकि इस केस में बचाव पक्ष के सारे ही अधिवक्ता जम्मू-कश्मीर से संबंधित हैं और वह उर्दू के अच्छे ज्ञाता हैं। आज की सुनवाई में पीड़िता के पिता की गवाही पर जिरह जारी है जो की आने वाले कल शनिवार को भी जारी रहेगी। यदि इसकी गवाही पर जिरह खत्म हो जयेगी तो अगले गवाह के अभियोग पक्ष द्वारा बयान करवाए जायेंगे।