ताजमहल में बाहरी लोगों को नमाज़ अदा करने की अनुमति नहीं : सुप्रीम कोर्ट


नई दिल्ली, 9 जुलाई (वार्ता, उपमा डागा पार्थ): उच्चतम न्यायालय ने दुनिया के सात अजूबों में शामिल आगरा के ऐतिहासिक ताज महल में बाहरी लोगों को नमाज़ अदा करने की अनुमति देने संबंधी याचिका आज खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने ताज महल में बाहरी लोगों के नमाज़ अदा करने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया। पीठ में न्यायमूर्ति अशोक एम. खानविलकर और डी.वाई. चन्द्रचूड़ शामिल हैं। इस याचिका में न्यायालय से ज़िला प्रशासन को निर्देश देने की गुहार की गई थी कि वह बाहर के लोगों को ताजमहल में नमाज़ पढ़ने की इजाज़त दें। शीर्ष अदालत ने कहा कि ऐतिहासिक ताज महल दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताज महल को हर हाल में संरक्षित रखा जाना चाहिए। ज़िला मैजिस्ट्रेट द्वारा 24 जनवरी को ताज महल में  बाहरी लोगों के नमाज़ अदा करने पर रोक लगाने के बाद याचिकाकर्ता ने इसके विरुद्ध न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि ताजमहल में नमाज़ अदा करने की कोई ज़रूरत नहीं है। नमाज़ किसी अन्य स्थान पर भी अदा की जा सकती है।