महंगाई भत्ते, जज़िया कर व डोप टैस्ट को लेकरर् पंजाब सिविल सचिवालय में कर्मचारियों द्वारा प्रदर्शन



चंडीगढ़, 10 जुलाई (अजायब सिंह औजला) : महंगाई भत्ते अर्थात् डी.ए. की अदायगी, 200 रुपए प्रोफैशनल टैक्स (जज़िया टैक्स) और डोप टैस्ट को लेकर रोष में आए कर्मचारियों ने आज पंजाब सिविल सचिवालय-2 (मिनी सचिवालय) में ज़ोरदार रोष रैली की और सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए कर्मचारियों से वसूले जाने वाले 200 रुपए प्रति माह जज़िया टैक्स और डोप टैस्ट रूपी दैत्य का पुतला फूंका। 
दिलचस्प बात यह है कि बेहद गर्मी के बावजूद कर्मचारियों ने भारी संख्या में ज्वाईंट एक्शन कमेटी के बैनर तले इस रोष रैली में हिस्सा लिया। इस अवसर पर रैली को सम्बोधित करते हुए ज्वाईंट एक्शन कमेटी के प्रवक्ताओं ने कहा कि सरकार अपनी असफलताओं, प्रबन्धकीय कमज़ोरियों और दूर दृष्टता की कमी के चलते गलत फैसले ले रही है, जो कि सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ पंजाब के निवासियों के लिए भी घातक सिद्ध हो रहे हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा खज़ाने खाली होने की दोहाई देते हुए कर्मचारियों के सभी वित्तीय लाभ रोके हुए हैं, जबकि यह सरकार चुनाव के समय अपने चुनावी मनोरथ पत्र में पंजाब राज्य के कर्मचारियों के हकों का निपटारा दो माह में करने का वादा किया था। 
नेताओं ने कहा कि अब खाली खज़ाने की दोहाई देते हुए खज़ाना भरने के लिए राज्य सरकार के कर्मचारियों की जेबों में जबरदस्ती 200 रु. प्रति माह जज़िया वसूलना शुरू कर दिया है, जोकि सरकार का कर्मचारियों की पीठ में छुरा मारने के समान है। 
इस मौके पर कर्मचारी नेताओं में एन.पी. सिंह प्रधान, सुखचैन सिंह खैहरा महासचिव, गुरप्रीत सिंह, पंजाब सिविल सचिवालय स्टाफ एसोसिएशन के वरिष्ठ उप-प्रधान भगवंत सिंह बदेशा, सुशील कुमार, मनजीत सिंह रंधावा, महिल शर्मा, जसप्रीत सिंह रंधावा आदि ने कहा कि सरकार को कोई हक नहीं कि कर्मचारियों को उनके हकों और आवाज़ को कुचल कर जज़िया वसूला जाए। सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर कहा कि सरकार वादा-खिलाफी को छोड़ कर किए वादों के अनुसार कर्मचारियों की मागें पूरी करने की मांग की। इस दौरान इस रैली में कर्मचारी नेताओं में मिथुन चावला, प्रवीन कुमार, नीरज कुमार, जगदीप कपिल, जुखबीर सिंह, गुलशन धीमान, दर्जा-4 कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधान बलराज सिंह दाऊं, दर्जा-4 ज्वाईंट एक्शन कमेटी के प्रधान प्रेम दास, जसबीर सिंह और श्रीमति लाल आदि भी मौजूद रहे।