मुझे रिंग में मर्दों से लड़ना पसंद है कविता देवी


होशियारपुर के हाईवे पर पहुंचते ही आपको डब्लूडब्लूई (वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट) के पूर्व चैंपियन दलीप सिंह राणा उर्फ ‘द ग्रेट खली’ के पोस्टर नजर आने लगते हैं। इससे आपको अंदाजा हो जाता है कि आप खली की कांटिनेंटल रेसलिंग अकादमी (सीडब्लूई) पहुंचने वाले हैं। इस दो मंजिला सफेद बिल्डिंग में ही अपने जालंधर स्थित पेइंग गेस्ट अपार्टमेंट से आकर कविता देवी सप्ताह में छह दिन, सोमवार से शनिवार, ट्रेनिंग किया करती थीं। अब यह न मालूम कीजियेगा कि कविता देवी कौन हैं? वह भारत की पहली महिला पहलवान हैं जो डब्लूडब्लूई में हिस्सा ले रही हैं और कुश्ती के संसार में हार्ड केडी के नाम से विख्यात हैं। उनसे हाल ही में खली की अकादमी में ही मुलाकात हुई। पांच फीट नौ इंच लम्बी इस हरियाणवी पहलवान की मांसपेशियां प्रभावी हैं, होंठों पर हल्की सी मुस्कान है और बातों में स्पष्टता है बिना किसी उलझाव के। वह ट्रैक्स और टी शर्ट पहने हुए हैं, उनके लम्बे बाल जुड़े में बंधे हुए हैं, जिन्हें वह मुकाबले के दौरान आमतौर से खुला छोड़ देती हैं। हम अकादमी के पहले फ्लोर पर जाते हैं, जहां एल-शेप का जिम है और साइड में कुछ कमरे हैं। इन कमरों में छात्र रहते हैं। दस किलो के डम्बबेल्स से बाईसेप कर्ल्स का एक चक्त्र करने के बाद कविता बैक एक्सरसाइज करने लगती हैं। उनका कहना है कि इस अकादमी में लम्बे समय तक ट्रेनिंग करने के बाद अब वह अपना जिम रुटीन स्वयं कर लेती हैं।
अकादमी में एक अमेरिकन ट्रेनर आया हुआ है जो लगभग 200 छात्रों को कुछ टिप्स देता है। महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए खली इन छात्रों को ट्रेन करते हैं। हर शनिवार की शाम को अकादमी ‘नाईट शो’ का वेन्यू बन जाती है, रंग बिरंगी लाइटें फ्लैश करती हैं और भीड़ पहलवानों का जोश बढ़ाती है, जो विभिन्न मुकाबलों में ताकत व मंचित नाटक का प्रदर्शन करते हैं। कविता देवी का डब्लूडब्लूई करियर इस साल जनवरी में शुरू हुआ था। शुरू में तो वह अमेरिका में अकेलापन महसूस करती थीं, घर की बहुत याद आती थी, अपने होटल के कमरे में बंद होकर रोती थीं, लेकिन अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होती जा रही है। रोज़गार व परिवार को सहयोग करने की चाहत व्यक्ति को हालात से समझौता करना सिखा ही देता है। अकादमी में वह अपने साथी पहलवान सुनील दहिया को मुकाबले के लिए रिंग में आमंत्रित करती हैं। सुनील उन पर हमला करता है, वह जवाबी कार्यवाही करती हैं, मजबूती से उसकी कलाई कसकर पकड़ लेती हैं, चेहरे पर ताकत लगाने के चिन्ह उभरते हैं, आंखों में इरादे की पुख्तगी है, वह सुनील को नीचे लाती हैं और फिर उसे गर्दन से पकड़कर ताकत के नाटकीय प्रदर्शन में अपने कंधों पर उठा लेती हैं। सुनील का वज़न 90 किलो है, कविता का 63 किलो। कविता शाकाहारी हैं, उन्हें अपनी डेरी आधारित डाइट बहुत पसंद है, खासकर सूजी खीर, हलवा, देसी घी चूरमा और दलिया। -इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर