जस्टिस मेहताब सिंह गिल कमिशन ने मुख्यमंत्री को आठवीं अंतरिम रिपोर्ट सौंपी


चंडीगढ़, 12 जुलाई (अ.स.) : पंजाब सरकार द्वारा पीड़ितों को जल्दी न्याय मुहैया करवाने के लिए जस्टिस महताब सिंह गिल कमीशन द्वारा जायज पायी गई 337 शिकायतों में से 190 शिकायतों पर कार्यवाही की जा चुकी है। जस्टिस गिल कमीशन ने आज मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को अपनी 8वीं अंतरिम रिपोर्ट सौंपी। यह कमीशन अकाली-भाजपा सरकार के दौरान दर्ज हुए झूठे मामलों की पड़ताल के लिए बनाया गया है। कमीशन द्वारा प्रत्येक सिफ़ारिश का तेज़ी से निपटारा करने संबंधी मुख्यमंत्री की सख्त हिदायत के अंतर्गत पंजाब पुलिस ने अब तक 126 मामलों में एफ.आई.आर. रद्द करने की रिपोर्ट दायर कर दी हैं। नोडल अफसरों से कमीशन को हासिल हुई जानकारी के मुताबिक 7 मामलों में दोषी पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्यवाई की जा चुकी है जबकि 17 मामलों में मुआवज़े के लिए कार्यवाई की गई है। इसी तरह 21 मामलों में आदेशों की पालना की गई है जबकि 19 मामलों में आई.पी.सी. की धारा 182 के अधीन कार्यवाही आरंभ की गई है। एफ.आई. आर. रद्द करने के सबसे अधिक मामले (13) लुधियाना जिले में हैं, तरन तारन के 12, फ़िरोज़पुर और अमृतसर के 11 -11 मामले हैं। आई.पी.सी. की धारा 182 अधीन जिन मामलों में कार्यवाही की है, उनमें सबसे अधिक केस (6) अमृतसर जिले के हैं। जहाँ तक आदेशों की पालना का मामला है, कपूरथला में सबसे अधिक 8 और दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही के सबसे अधिक मामले (4) लुधियाना जिले के हैं। जस्टिस (सेवामुक्त) महताब सिंह गिल के मुताबिक पीड़ित लोगों को मुआवज़ा देने के लिए रिपोर्टें तैयार की जा चुकी हैं और मुआवज़े की राशि तय करने पर विचार करने के लिए यह रिपोर्टें सरकार को भेजी गई हैं। उन्होंने कहा कि कमीशन द्वारा बाकी सिफारशों को लागू करने के लिए नोडल अफसरों द्वारा हिदायताें की पालना करके प्रगति रिपोर्टों सौंपी जा रही हैं। जस्टिस गिल की आठवीं रिपोर्ट में अब प्राप्त की कुल 337 शिकायतों को स्वीकृत करते हुए कमीशन ने 216 शिकायतों को रद्द कर दिया जबकि 9 को इजाज़त दी है। कमीशन द्वारा अब तक कुल 1299 शिकायतों की पड़ताल की गई है जिनमें से विभिन्न आधार पर 962 शिकायतें रद्द की गई हैं।