जनभागीदारी से हो पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण : मोदी


नई दिल्ली, 12 जुलाई (वार्ता) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए आज कहा कि हमें अपनी विरासत के बारे में जानकारी और उस पर गर्व होना चाहिए। श्री मोदी ने यहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की नई इमारत ‘धरोहर भवन’ के उद्घाटन के मौके पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि दुनिया के कुछ देशों में सेवानिवृत्त लोग धरोहरों के संरक्षण में योगदान देते हैं। हमारे देश में अभी यह सोच विकसित नहीं हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा ‘दुनिया में इस क्षेत्र में जन सहयोग, जन भागीदारी बहुत मिलती है। वहां सेवानिवृत्त लोग गाइड का काम करते हैं। वे अपनी धरोहरों के बारे में पर्यटकों को बताते हैं। हमारे देश में यह मानसिकता बनानी है।’ उन्होंने कहा कि समाज जिस प्रकार धरोहरों का संरक्षण कर सकता है, किसी संस्था के कर्मचारी नहीं कर सकते। उन्होंने इसमें कॉर्पोरेट दुनिया को साझेदार बनाने की सलाह देते हुए कहा कि स्थानीय कंपनियों से बात करनी चाहिए कि क्या उनके कर्मचारी महीने में 10-15 घंटे इस दिशा में दे सकते हैं। धरोहरों के संरक्षण के बारे में जानकारी को महत्वपूर्ण बताते हुए श्री मोदी ने कहा कि बच्चों को उनके पाठ्यक्रम में उनके शहर का इतिहास बताया जाए। स्थानीय स्तर पर टूरिस्ट गाइड का सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किया जा सकता है जिससे गाइड को उसके शहर की धरोहरों के बारे में एक-एक जानकारी होना सुनिश्चित किया जा सके। जब जानकारी होती है तो अपनेपन की ताकत बढ़ जाती है। हमें हमारे धरोहर की जानकारी होना बहुत ज़रूरी है। प्रगति मैदान और आईटीओ के बीच स्थित ‘धरोहर भवन’ के उद्घाटन के बाद श्री मोदी ने करीब 157 साल पुराने एएसआई के इस नये मुख्यालय का दौरा किया जो 2.58 एकड़ में फैला है। संस्कृति मंत्री महेश शर्मा, संस्कृति सचिव राघवेंद्र सिंह और एएसआई की महानिदेशक ऊषा शर्मा ने इमारत के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी दी। इसकी चार मंजिला इमारत में 1.32 लाख वर्ग फुट जगह है। श्री मोदी केंद्रीय पुरातात्विक पुस्तकालय भी गए जिसकी स्थापना वर्ष 1902 में की गई थी। उन्होंने पुस्तकालय की आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार लिखे। मोदी के कार्यक्रम में धमाके की आवाज़ से सतर्क हुए सुरक्षाकर्मी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में आज धमाके की आवाज़ ने सबको चौंका दिया और सुरक्षाकर्मी तुरंत सतर्क हो गए, हालांकि बाद में पाया गया कि यह अस्थायी रूप से बने कार्यक्रम स्थल में लगाई गई एसी मशीन में हुआ हल्का धमाका था। श्री मोदी यहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की नई इमारत ‘धरोहर भवन’ के उद्घाटन के लिए आए थे। वह अपना संबोधन समाप्त कर मंच के नीचे आकर वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर ही रहे थे कि पास ही रखी एक एसी मशीन से धमाके की आवाज़ सुनाई दी। यह मशीन उसी जगह रखी हुई थी जहां प्रधानमंत्री के साथ आये कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। धमाके की आवाज़ सुनते ही वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए। सुरक्षाकर्मी भी तुरंत हरकत में आ गये। लेकिन, जब यह पता चला कि यह महज एसी मशीन से जुड़े पाइप के फटने की आवाज़ है तो उन्होंने राहत की सांस ली।