गुरु की नगरी के सौंदर्यकरण और सर्वपक्षीय विकास के लिएर् 150 करोड़ के प्रोजेक्टों का जल्द होगा टैंडर : सिद्धू



चंडीगढ़, 18 जुलाई (अ.स) : ‘गुरु की नगरी अमृतसर को विकास के समूह मापदण्डों के पक्ष से उच्च कोटी का शहर बनाने और शहर निवासियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को विशेष ध्यान में रखते पंजाब सरकार द्वारा 150 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्मार्ट सिटी प्रोजैकट बनाऐ गए हैं जिनका टैंडर जल्दी ही जारी किया जायेगा। स्मार्ट सिटी के इस प्रोजैकट के उड़ान भरने से अमृतसर भविष्य का शहर बन कर उभरेगा।’ यह प्रगटावा स्थानीय निकाय मंत्री स. नवजोत सिंह सिद्धू ने आज यहाँ जारी प्रैस बयान के द्वारा किया।
स. सिद्धू ने कहा कि पहले पड़ाव के प्रोजैकट तय हो गए हैं। पहले पड़ाव में 150 करोड़ रुपए के इन प्रोजेक्टों में एल.ई.डी. लाईटों, मल्टीलैवल कार पार्किंग, हेरिटेज स्ट्रीट पर मु़॒त वाई-फाई की सुविधा, सेफ सिटी का एकीकृत कमांड और कंट्रोल केंद्र और पार्कों और खाली स्थानों के विकास और सौंदर्यकरण का काम होगा। यह प्रोजेक्ट अगामी 6 से 12 महीनों तक शुरू होंगे जिनके रख-रखाव को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी प्रोजेक्टों के रख-रखाव का जि॒मा 3 से 10 वर्षों तक ही होगा। उन्होंने कहा कि पहले पड़ाव में लोगों की सबसे अधिक प्राथमिकता वाले कामों को शामिल किया गया है जिनको शुरू करने की सबसे अधिक मांग की जा रही थी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों के विस्तार में जानकारी देते हुए स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि शहर में 34.57 करोड़ रुपए की लागत से 63000 एल.ई.डी. लाईटें लगेंगी। 2.3 करोड़ रुपए की लागत से हेरिटेज स्ट्रीट पर श्रद्धालुओं को मुफ्त वाई-फाई की सुविधा मिलेगी। कैरो मार्केट में 18.24 करोड़ रुपए की लागत से मल्टीलैवल कार पार्किंग बनाई जा रही है। पंजाब में अपने किस्म की पहली आटोमेटिड कार पार्किंग में 500 के करीब वाहनों की पार्किंग सुविधा॒होगी जिनमें 415 चार पहिया और 70 दो पहिया वाहन शामिल होंगे।
 स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि सेफ सिटी वाला एकीकृत कमांड और कंट्रोल केंद्र (आई.सी.सी.) प्रोजैकट भी अगामी 12 महीनों में शुरू हो जायेगा।
 94 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजैकट के अंतर्गत सुरक्षा पक्ष से पूरे शहर पर निगहें रखी जा सकेगी। इस प्रोजैकट के अंतर्गत सभी शहर में कैमरे लगाए जाएंगे। इस प्रोजैकट के रख-रखाव 5 सालों तक के लिए होगा।
स्थानीयनिकाय मंत्री ने कहा कि दूसरे पड़ाव में सिवरेज व्यवस्था, वाटर सप्लाई, ड्रेनेज, स्मार्ट सड़के, पर्यटन पक्ष से विकास और लाईओवर के नीचे वाले स्थानों के सौंदर्यकरण का काम किया जायेगा।