अकाली नेता डिम्पी ढिल्लों, भाई व निजी सचिव पर केस दर्ज


श्री मुक्तसर साहिब, 20 सितम्बर (रणजीत सिंह ढिल्लों): विगत दिवस जिला परिषद् व ब्लाक समिति चुनाव दौरान क्षेत्र गिद्दड़बाहा के गांव गिलजेवाला में कांग्रेसियों द्वारा बूथों पर कब्जे की खबर मिलने सम्बंधी मौके पर पहुंचे शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता व क्षेत्रीय इंचार्ज हरदीप सिंह डिम्पी ढिल्लों व अन्य नेताओं पर अज्ञात लोगों द्वारा ईटों व लाठियों से किए हमले में से पुलिस द्वारा डिम्पी ढिल्लों, उनके भाई संदीप सिंह सन्नी ढिल्लों व उनके निजी सचिव जगतार सिंह धालीवाल को बचाकर थाना कोटभाई में लाया गया था, यहां पुलिस द्वारा उन पर विभिन्न-विभिन्न धाराओं तहत मामला दर्ज किया गया। आज दोपहर समय गिद्दड़बाहा में जेएमआईसी मेघा धालीवाल की अदालत में उनको पेश किया गया, यहां माननीय अदालत ने तीनों को 14 दिनों के जुडीशियल रिमांड पर जेल भेज दिया। इससे पहले पत्रकाराें के साथ बातचीत करते हुए हरदीप सिंह डिम्पी ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस सरकार सत्ता में आई को डेढ वर्ष का समय हो चुका है, लेकिन लोगों के साथ किए वादों को सरकार पूरा करने में नाकाम रही है, जिस कारण वह इन चुनाव में शिरोमणि अकाली दल का सामना नहीं कर सकते थे। उन्होंने कथित दोष लगाया कि अपनी हार को देखते हुए कांग्रेसियों ने पोलिंग स्टेशनों पर कब्जे करने शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की धक्केशाही को देखते हुए वह गांव बबानियां पहुंचे और डीएसपी गिद्दड़बाहा को मौके पर बुलाकर घटना की जानकारी दी। इसके अलावा जब उनको गांव गिलजेवाला में पोलिंग स्टेशनों पर कब्जे की सूचना मिली तों वह वहां पहुंचे और यहां उन्ह पर हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी गलती न होने पर भी सरकार के दबाव से पुलिस ने उन पर मामला दर्ज किया है, जोकि सरकार की धक्केशाही की जीता-जागता सबूह है। उन्होंने कहा कि जबर के विरोध में जेलों में जाना शिरोमणि अकाली दल का इतिहास रहा है और वह सरकार की धक्केशाही विरूद्ध संघर्ष करते रहेगे।