अपने करियर से संतुष्ट नहीं माही गिल


चंडीगढ़ में पैदा हुई माही गिल ने थिएटर द्वारा अपने करियर की शुरुआत की। माही ने पंजाबी फिल्म ‘मिट्टी वाजां मारदी’ और ‘चक्क दे फट्टे’ में छोटे किरदार निभाए। सुधीर मिश्रा की फिल्म ‘खोया-खोया चांद’ से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद माही की कई फिल्मों ने दस्तक दी ‘देव डी’, ‘पल-पल दिल के साथ’, ‘आगे से राइट’, ‘दबंग’, ‘माइकल’, ‘साहिब बीबी और गैंगस्टर’ इत्यादि। माही को हमेशा अच्छे बैनर की फिल्में मिली हैं लेकिन अपनी फिल्मों को लेकर हमेशा निराशाजनक रही माही। जैसे किरदार वह करना चाहती थी वह उनको नहीं मिले। डायरेक्टर्स हमेशा उनको उनके व्यवहार के विपरीत ही रोल ऑफर करते थे। इसलिए इंडस्ट्री से माही की नाराज़गी है। अपने करियर से संतुष्ट नहीं है। जिस प्रकार के किरदार वह अपनी पंजाबी फिल्म में निभाती हैं हिन्दी फिल्मों में भी वह उसी प्रकार के किरदार चाहती हैं। कमर्शियल फिल्में माही को बहुत पसंद है।