पंजाब में मौसम हुआ साफ, अगले 72 घंटे अलर्ट



चंडीगढ़, 25 सितम्बर (विक्रमजीत सिंह मान) : पिछले तीन दिनों से पंजाब में हो रही भारी बारिश रुकने के बाद सरकार व आम लोगों को चाहे आज राहत मिली परंतु सरकार बारिश से उत्पन्न हुए हालातों से निपटने के लिए अभी भी अगले 72 घंटे अलर्ट पर रहेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार जहां सरकार इस संबंधी पूरी तरह चौकसी बरत रही है वहीं सरकार द्वारा प्रदेश में मौजूद डैमों के पानी के स्तर पर पूरी नज़र रखी जा रही है। इस संबंधी सरकार ने प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए पांच सदस्यीय सैल का गठन भी कर दिया है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस संबंधी लगाए जाने वाले अनुमान के अनुसार पंजाब के दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में आमसान साफ दिखाई देने लगा है परंतु हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर व इसके नज़दीकी इलाकों जैसे रूपनगर, होशियारपुर, नवांशहर, गुरदासपुर में नहरों के कैचमैंट एरिया पर अभी भी नज़र रखने की ज़रूरत है। जानकारी के अनुसार इन इलाकों में पहाड़ों से आने वाला पानी बारिश रुकने के बावजूद भी तबाही मचा सकता है। इसके अलावा पड़ोसी पहाड़ी राज्यों में मौसम के हालात अभी भी चिंता का कारण बने बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर पंजाब सरकार का मानना है कि यदि पहाड़ी राज्यों में तेज़ बारिश हुई तो उसका सीधा असर पंजाब के कई इलाकों में पड़ेगा और नुक्सान की सम्भावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के तहत यह सुनिश्चित बनाने की कोशिश की जा रही है कि प्रदेश में बारिश रुकने के बावजूद पड़ोसी पहाड़ी राज्यों में मौसम पर नज़र रखी जाए ताकि आम लोगों के जान-माल के नुक्सान को रोका जा सके। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि मौसम में सुधार से कुछ राहत ज़रूर मिली है परंतु अगले 72 घंटों तक सरकार द्वारा हर प्रकार की सावधानी बरती जाएगी और सभी संबंधित विभाग चौकस रहेंगे। जानकारी के अनुसार आज बारिश रुकने के बाद भाखड़ा व रणजीत सागर डैम में जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे ही बताया जा रहा है परंतु यदि हिमाचल में बारिश हुई तो इन डैमों का जलस्तर बढ़ने के चलते इनका पानी छोड़ना मजबूरी बन जाएगा। बी.बी.एम.बी. ने पौंग डैम को लेकर मंगलवार सुबह एडवाइज़री जारी करते हुए रात तक पानी छोड़ने की बात कही थी लेकिन दोपहर तक मौसम विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत करने के बाद हालत ठीक होते देख को, यह इरादा बदल दिया। पौंग डैम के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल डैम में जलस्तर स्थिर बना हुआ है और पानी छोड़ने की ज़रूरत नहीं है। उधर सरकार द्वारा बारिश के कारण बर्बाद हुई फसलों के जायज़े के लिए विशेष गिरदावरी का भी आदेश दिया गया है। इसके अलावा वित्त आयुक्त (राजस्व) द्वारा सभी ज़िलाधीशों को बाढ़ प्रभावित परिवारों व पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने संबंधी किए गए उचित प्रबंधों का जायज़ा लेने व खाद्य पदार्थों व रहने के बढ़िया प्रबंध सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ज़िलाधीशों को पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए तैयार रहने व दवाइयों का प्रबंध करने के भी निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव-कम-वित्त आयुक्त (राजस्व) एम.पी. सिंह के अनुसार सरकार द्वारा बनाए गए सैल की अगुवाई राजस्व विभाग के विशेष सचिव मनस्सवी कुमार करेंगे और निगरान व मूल्यांकन अधिकारी (एम.ई.ओ.) प्रदीप सिंह बैंस प्रभारी होंगे। अधीन सचिव (राजस्व) बलजीत सिंह कंग, अधीन सचिव (राजस्व) मनजीत कौर व प्रोजैक्ट मैनेजर पी.एल.आर.एस. सुनीता ठाकुर इस सैल के सदस्य होंगे। एम.पी. सिंह ने बताया कि एम.ई.ओ. प्रदीप बैंस व बलजीत सिंह कंग द्वारा ज़िला आपदा प्रबंधन टीमों व प्रदेश स्तर पर सिंचाई, डे्रनें, बिजली, स्वास्थ्य, कृषि व मिट्टी सम्भाल विभागों से तालमेल किया जाएगा। मनजीत कौर द्वारा प्रशासकीय व सैक्रेट्रियल स्तर पर बर्बादी के केसों बारे जानकारी एकत्रित करने व तेज़ी से निपटारे में मदद की जाएगी।