कर्ण की भूमिका बेहद चुनौतीपूर्ण  आशिम गुलाटी


‘कर्णसंगिनी’ के कर्ण ऊर्फ  आशिम गुलाटी का इंटरव्यू
इस शो के बारे में कुछ बतायें?
‘कर्णसंगिनी’ एक मायथोलॉजिकल-रोमांस है। यह एक काल्पनिक कहानी है, जोकि महाभारत की पृष्ठभूमि पर बनी है। यह कर्ण और उनकी संगिनी उरुवी की अनकही कहानी कहता है। यह शो एक ऐसे गुमनाम नायक कर्ण, उनकी पत्नी उरुवी और अर्जुन के सफ र को बिलकुल ही नये रूप में प्रस्तुत करेगा। यह कभी ना सुनी गई कहानी है कि किस तरह क्षत्रिय राजकुमारी उरुवी अपने बचपन के साथी अर्जुन की जगह बेदखल राजा कर्ण को चुनती है। उसे अपने रिश्तेदारों और समाज के क्रोध का शिकार होना पड़ता है।  
अपने किरदार के बारे में कुछ बतायें?
—मैं कर्ण की भूमिका निभा रहा हूं, जिसकी परवरिश एक सारथी करता है। योद्धा का अद्भुत हुनर होने के बावजूद निचली जाति का होने के कारण उसे समाज में कभी स्वीकार नहीं किया जाता। वह बहुत ही बहादुर है और अपनी पृष्ठभूमि के बावजूद, उसने कभी भी अर्जुन को चुनौती देने में संकोच नहीं किया। उसका व्यक्त्वि शानदार है। उसके चमकीले बाल हैं और उसके पास सोने का कवच है। उसका यही रूप उरुवी को पहली नजर में भा जाता है। इसमें प्रवेश करने पर कर्ण समाज के नियमों को चुनौती देता है, अर्जुन को चुनौती देता है और उसके बाद क्षत्रिय राजकुमारी उरुवी से शादी करता है। अपनी आखिरी सांस तक दुर्योधन के साथ मित्रता निभाने के लिये भी उसे जाना जाता है। 
इस भूमिका के लिये हां कहने की क्या वजह रही? 
—मैंने जैसे ही इसकी स्क्रिप्ट पढ़ी मुझे यह पसंद आ गई। यह एक ऐसी कहानी है, जिसके बारे में पहले कभी किसी ने नहीं सुना और मुझे लगता है कि कर्ण के किरदार को काफी कम महत्व दिया गया है। उसमें दिखाने के लिये काफी कुछ है। कर्ण के किरदार ने मुझे हां कहने के लिये मजबूर किया। मैं तो कर्ण पर फि दा हो गया, उसका रूप, उसका साहस, उसके बारे में सारी चीजें बहुत ही अनूठी हैं। यह जोनर भी काफी अलग है और इसकी तैयारी भी। मुझे इसकी भाषा अच्छी लगी और यह भूमिका निश्चित रूप से एक कलाकार के तौर पर मुझे चुनौती देगी। मैं इसके लिये बेहद उत्साहित हूं।  
इस किरदार में खुद को ढालने के लिये आपको किन तैयारियों से होकर गुजरना पड़ा?
अपने किरदार में ढलने के लिये मुझे काफी ज्यादा मेहनत करने की जरूरत पड़ी। यह बेहद चुनौतीपूर्ण भूमिका है। 
 के किरदार के लिये मानसिक तैयारी के साथ-साथ मुझे काफी सारी शारीरिक तैयारी भी करने को कहा गया। मुझसे वजन कम करने और शरीर को दुबला करने को कहा गया। इसलिये, मैंने बिल्कुल नये तरह का जिम रूटीन शुरू किया और उसके साथ कस्टमाइज़ डाइट ली। बचपन में भी मैंने घुड़सवारी की थी और वह हुनर मुझे एक बार फि र सीखना पड़ा और मैं उसके लिये बेहद उत्साहित था। इसके साथ ही मैंने तलवारबाजी भी सीखी।